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International International वाशिंगटन.
अक्सर लोग सोचते हैं कि शादी के शादी के बाद जीवन आनंदमय बितता है, लेकिन हाल में की गई एक शोध में कुछ चौंकाने वोल तथ्य उजागर हुए हैं।
शोध के अनुसार शादी के बाद जहां करीब एक-तिहाई जोड़े शारीरिक रूप से आक्रामक हो जाते हैं, वहीं पहले बच्चे होने के एक साल बाद तक का समय उनके जीवन का सबसे हसीन व खुशी का पल होता है। आक्रामकता में महिलाओं की संख्या का अनुपात पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा है। शादी के बाद महिलाएं जहां 24 फीसदी आक्रामक हो जाती हैं वहीं पुरुषों का अनुपात 16 फीसदी है।
आक्रामकता की इस परिभाषा में एक-दूसरे को धक्का देना, छीनना-झपटना व चिल्लाना प्रमुख है। यूनिवर्सिटी ऑफ लोवा कॉलेज ऑफ लिबरल आर्ट एंड साइंस की प्रोफैसर व प्रमुख शोधकर्ता ऐरिक लॉरेंस ने कहा कि नए शादीशुदा जोड़ों आक्रामकता का एक प्रमुख कारण है एक-दूसरे पर अपना वर्चस्व कायम करना। इस अध्ययन में उन 156 शादीशुदा जोड़ों को शामिल किया गया, जिन्होंने हाल ही में अपनी शादी की तीसरी सालगिरह मनाई। जोड़ों में 56 जोड़े माता-पिता नहीं बने थे। शोध में यह भी बताया गया है कि शादी के बाद ज्यादातर जोड़े सबसे पहले बच्चे की प्लानिंग करते हैं। यह भी देखा गया कि शादी के छह माह तक जोड़े काफी खुश रहते हैं और इसके बाद इनकी खुशी का पल बच्चे के जन्म के छह से 12 माह तक रहता है।