bhaskar Web English
HomeNewsChhattisgarhRaipur Raipur

सलवा जुड़ूम पर राज्य को फ्रीहैंड

जगदलपुर/रायपुर.patil केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल जवानों और आदिवासियों से मिले, मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह और गृहमंत्री रामविचार नेताम के साथ अफसरों से की मंत्रणा। प्रवास के दौरान उनके साथ राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन भी थे।

केंद्रीय गृहमंत्री श्री पाटिल ने नक्सलियों के खिलाफ जनजागरण अभियान सलवा जुड़ूम पर राज्य सरकार को फ्रीहैंड दे दिया है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार मुनासिब समझे तो इस अभियान को आगे जारी रखे। फैसला उसे करना है।

श्री पाटिल ने नक्सलियों के खिलाफ रमन सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई की तारीफ कर नक्सलियों को चेतावनी भी दी है कि बंदूक के सहारे अपनी बात मनवाने की कोशिश न करें। उन्हें क्या चाहिए, वे बात करने सामने आएं।

नक्सली इलाके अरणपुर और पामेड़ में सीआरपीएफ कैंप के जवानों और आदिवासियों से मुलाकात के बाद श्री पाटिल ने पत्रकारों से कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 75 हजार करोड़ रुपए दिए हैं। विकास के साथ सुरक्षा के मुद्दे को भी उतना ही महत्व दिया जाना जरूरी है।

देश में पिछले एक दशक में नक्सल समस्या में कोई सुधार नहीं हुआ। कहीं हालत सुधरी है तो कहीं पर बिगड़ी है। आदिवासी इलाकों में अब रोजगार पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। जंगल की जमीन पर वर्र्षो से काबिज आदिवासियों को पट्टे दिए जाएंगे। इन इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के मामले में केंद्र सरकार पूरी तरह मदद कर रही है।

श्री पाटिल ने कहा कि नक्सल समस्या पर केंद्र की स्पष्ट नीति है। राज्य सरकार समस्या के निदान के लिए जितने भी उपाय कर रही है, केंद्र सरकार उसमें मदद करेगी। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित 10 राज्यों की पुलिस के आधुनिकी करण के लिए 16 हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस की संख्या दोगुनी हो गई है। आंध्रप्रदेश में 35 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती की जा रही है। नेपाल में माओवादियों की सरकार बनने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के हालात अलग-अलग हैं। इससे भारत को कोई फर्क नहीं पड़ता।

दिल्ली-मुंबई में सोचने से कुछ नहीं होगा
अरनपुर में जवानों से मिलकर जमीनी हकीकत जानने के बाद श्री पाटिल ने कहा कि यहां के बारे में नईदिल्ली और मुंबई में बैठकर सोचो से कुछ नहीं होगा। वह केवल कागजी होगा। इससे काम नहीं हो सकता। मौके पर पहुंचकर ही वास्तविक समस्या को जाना जा सकता है। ऐसी विषम स्थिति में काम करना काफी चुनौतीपूर्ण है।

नक्सली हमारे बिगड़े भाई
श्री पाटिल ने सीआरपीएफ की अरणपुर पोस्ट जाकर जवानों से मुलाकात की। कैंप का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि नक्सली हमारे दुश्मन नहीं हैं। वे हमारे बिगड़े हुए भाई हैं। उन्होंने कहा कि नक्सली समस्या के निराकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कामों से वे संतुष्ट हैं। नक्सलियों को यह समझना चाहिए कि देश की 99 प्रतिशत आबादी शांतिप्रिय है।

नक्सलियों को क्या चाहिए, हम देने को तैयार हैं लेकिन उन्हें बात करने के लिए सामने आना होगा। बंदूक से वे जो हासिल करना चाहते हैं, हासिल नहीं कर पाएंगे। श्री पाटिल ने जवानों से उनकी समस्याओं के बारे में बातचीत की। जवानों ने श्री पाटिल से आग्रह किया कि अरणपुर में थाना और हास्पिटल खोला जाए। जवानों के लिए हेलिकाप्टर की व्यवस्था की जाए और बस्तर में तैनात जवानों को विशेष भत्ता दिया जाना चाहिए।

श्री पाटिल ने आश्वस्त किया कि जवानों की सभी मांगों पर यथोचित निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान वहां पर राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन, मुख्यमंत्री डा. सिंह, नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, गृहमंत्री श्री नेताम, मुख्य सचिव शिवराज सिंह, सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक बीके जोशी, गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव विनय कुमार, डीजीपी विश्वरंजन समेत जिला व पुलिस प्रशासन के अनेक अफसर मौजूद थे। अरणपुर पोस्ट में करीब दो घंटे गुजारने के बाद श्री पाटिल पामेड़ गए। वहां जवानों और आदिवासियों से मुलाकात कर उनसे चर्चा की।

हेलिकाप्टर खरीदने के निर्देश
मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री ने राज्य को नक्सल इलाकों की निगरानी के लिए एक हेलिकाप्टर खरीदने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए केंद्र सरकार मदद करेगी। श्री पाटिल ने राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन और मुख्यमंत्री डा. सिंह के साथ जगदलपुर आते-जाते इस मामले में विस्तार से बात की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नक्सल समस्या के निराकरण के लिए विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय और बढ़ाना चाहिए। इस दिशा में काम हो रहा है लेकिन इसमें और ठोस पहल की आवश्यकता है।

पुल उड़ाने का प्रयास विफल
केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल के पहुंचने के पहले नक्सलियों ने अरनपुर मार्ग पर स्थित ग्राम मड़ेंदा में निर्मित मलगेर पुल को तीन बारुदी विस्फोट से उड़ाने का प्रयास किया। रात में गश्त में पार्टी निकली हुई थी सो नक्सलियों को अपना काम आधा छोड़कर भागना पड़ा।

विस्फोट से पुल को काफी नुकसान पहुंचा है। आज सुबह तेजी से काम करते हुए पुल को पुन: सुधार लिया गया है। सीआरपीएफ जवानों ने बताया कि मौके से लोगों को पकड़ा गया है जिन पर नक्सलियों का साथ देने का संदेह है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: