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Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
जादूगर बनने की ख्वाहिश ने दिनेश को एक तमाशबीन बना दिया, लेकिन वह खुश है और अब अपने कारनामों के सहारे अपनी अलग पहचान बनाना चाहता है। दोनों आंखों में सिक्के डालकर रस्सी से पानी भरी बाल्टियां उठाना, 16 इंच के सरिए पेट तक घुसा देना, आंखों से लिखना और अपने ऊपर से ट्रैक्टर गुजारना, ऐसे ही कई हैरतअंगेज कारनामे उसे आम इंसानों की भीड़ से अलग करते हैं।
यही नहीं, अब वह आंखों के सहारे रामायण लिखने की तैयारी में है। बेलगहना के एक गरीब परिवार में पैदा हुआ दिनेश यादव बचपन में जादूगरों के करतब देखता था, बस यही वह दौर था जब उसके मन में भी जादूगर बनने की ललक जाग उठी। उसके पिता सुनाराम यादव रोजी-मजदूरी करते हैं, स्वयं दिनेश भी मजदूरी के सहारे जीवन की गाड़ी खींच रहा है।
जादू और हैरतअंगेज करतबों के प्रति बचपन से रुझान का ही नतीजा रहा कि वह जादू सीखने के लिए वर्षो तक इधर-उधर भटकता रहा, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। उल्टे जादू सिखाने का झांसा देकर कई लोगों ने उससे रुपए ऐंठ लिए। जीटीवी में प्रसारित होने वाला धारावाहिक ‘शाबास इंडिया’ देखकर उसने जादू सीखने का इरादा त्याग दिया।
इसके बाद उसने कुछ ऐसा करने की ठानी, जिससे वह दूसरों से हटकर अपनी अलग पहचान बना सके। अपने पास उपलब्ध संसाधनों से दिनेश ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाना शुरू किया। मसलन, आंखों के सहारे 10 किलो तक का वजन उठाना। सुनने में यह कठिन नहीं लगता, लेकिन दिनेश के वजन उठाने का तरीका सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाएं।
बीच से छेदे गए सिक्कों को वह अपनी आंखों के भीतर डालता है और सिक्कों से बंधी रस्सी से पानी भरी बाल्टियां उठाता है। कील, कांच और ब्लेड जैसी वस्तुएं तो वह चने-र्मुे के समान खा जाता है। वह 16 इंच के चार सरिए मुंह से पेट तक घुसा लेता है।
इसी तरह नाक से सांप घुसाकर मुंह से बाहर निकालना, नाक से कार खींचना और आंखों से पेन पकड़कर कागज पर लिखना देखकर लोग भौंचक्के रह जाते हैं। जमीन पर लेटा दिनेश अपने ऊपर से ट्रैक्टर गुजरने के बाद हंसते हुए उठ खड़ा होता है। शरीर की चमड़ी पर नुकीले कील फंसाकर वजन उठाना भी उसके करतबों में से एक है।
वह कीलों पर खड़ा होकर साइकिल और बल्ब पर खड़ा होकर पानी से भरा गगरी उठा लेता है। दिनेश का भाई 14 वर्षीय रामगोपाल भी अनोखा हुनरबाज है। 10 साल की उम्र से वह शास्त्रीय शैली में भजन गाता आ रहा है और इन चार वर्षो के दौरान राष्ट्रीय मंचों पर भी प्रस्तुति दे चुका है।
..और जिंदा निकल जाती है मछली: दिनेश एक और अजीबोगरीब कारनामा करने में माहिर है। जिंदा मछली निगलने के बाद वह उसे आधे घंटे तक पेट में रखकर फिर से जिंदा निकाल देता है। इसे देखकर लोग दांतों तले ऊंगली दबा लेते हैं।
गिनीज बुक के लिए करेगा काम
दिनेश का कहना है कि वह आंखों से रामायण लिखकर गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराना चाहता है। इसके लिए उसने कोशिश भी शुरू कर दी है। जी टीवी के ‘शाबास इंडिया’ में दिनेश की एंट्री हो चुकी है, जल्द ही उसकी शूटिंग भी पूरी कर ली जाएगी। फिर वह गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने के लिए जुट जाएगा।
मौत की परवाह नहीं
सिर्फ शौक की खातिर अपनी जान जोखिम में डालने वाले दिनेश को मौत की परवाह नहीं है। उसका कहना है कि इन करतबों से जान को खतरा तो है, लेकिन समाज के सामने कुछ कर दिखाने का जुनून उसके लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है। बकौल दिनेश ‘मैं कीड़े-मकोड़ों की मौत नहीं मरना चाहता। यदि ऐसे करतबों से मेरी मौत भी हो गई तो मेरी कला अमर हो जाएगी। अवसर मिला तो मैं माता-पिता, गांव और राज्य का नाम जरूर रौशन करुंगा।’