अजमेर. दहेज में एक लाख रुपए की मांग को लेकर दुल्हन को शादी के मंडप में छोड़ कर जाने वाला युवक रविवार को परिवार के साथ दुल्हन को लेने आया, लेकिन दुल्हन ने जाने से साफ इनकार कर दिया है।
फिलहाल वर पक्ष के लोग समाज के लोगों की मध्यस्थता से मामला सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। गंज कमला बावड़ी मोहल्ला निवासी रामसिंह जाटव की बेटी राखी का पति नीमच के गरदौड़ा निवासी महेन्द्र और घरवाले रविवार दोपहर ट्रेन से अजमेर पहुंचे। रेलवे स्टेशन पर महेंद्र ने बताया कि विवाद रिश्तेदारों से कहासुनी को लेकर हुआ था। ससुराल वालों ने मामले को दहेज का करार देकर तूल दे दिया।
उसने बताया कि राखी के घरवालों से फोन पर बातचीत हुई है, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं है। दूसरी ओर राखी और उसके परिवारजनों ने महेंद्र के अजमेर पहुंचने की सूचना से इनकार किया है। रामसिंह ने बेटी को महेन्द्र के साथ भेजने से इनकार किया।
मामला, एक नजर..
आठ मई को बारां में सामूहिक विवाह सम्मेलन में रेखा और महेंद्र की शादी हुई थी। रेखा और उसके घरवालों ने आरोप लगाया था कि महेन्द्र और उसके घरवालों ने एक लाख रुपए की मांग की थी। इस कारण फेरे के बाद रेखा को मंडप में छोड़ कर चले गए। रेखा को पिया के घर के बजाए पीहर लौटना पड़ा।
आरोपी पक्ष की सफाई
महेंद्र के साथ आए रिश्तेदारों ने बताया कि फेरों के समय लड़की को दी जाने वाले पायजेब गलती से महेंद्र के चाचा की जेब में रह गई थी। इसी बात से दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। उसके बाद रेखा के परिवारजन उसे अजमेर ले आए।