जोधपुर. अब देश के किसी भी हिस्से में वकील और मुवक्किल को एक-दूसरे की तलाश करने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। हाल ही एक वेबसाइट के जरिए ऐसा मंच तैयार किया गया है, जिस पर लोग अपने अदालती प्रकरण का जिक्र कर सकते हैं और बदले में उन्हें प्रकरण के लिए उपयुक्त वकील मिल सकता है। इस वेबसाइट में सूर्यनगरी के तीन वकीलों ने अपना नाम जुड़वा दिया है।
साइट पर सामान्य जानकारी
भारत एवं अमेरिका की दो कंपनियों ने वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू. एडवोकेटखोज. कॉम तैयार की है। मुवक्किल किसी भी प्रकरण से संबंधित जानकारी को किसी वकील की साइट पर डालने के बाद, यदि वे मामले की पैरवी करने के इच्छुक होंगे तो मुवक्किल को साइट पर ही जवाब भेजा जाएगा। जिसमें उसका मुकदमा लड़ने वाले वकील का नाम, उम्र, अनुभव, पता और फोन नंबर सहित अन्य आवश्यक विवरण शामिल होंगे।
जानकारी छह महीने उपलब्ध
वकील की जानकारी मिलने के बाद भी मुवक्किल के लिए उसकी सेवाएं लेना अनिवार्य नहीं रहेगा। मुकदमा लड़ने की फीस एवं अन्य खर्च जैसे मुद्दे वकील एवं मुवक्किल ही तय करेंगे। साइट पर प्रकरण के संबंध में मुवक्किल द्वारा दी गई जानकारी छह महीने तक उपलब्ध रहती है, लेकिन उसका नाम एवं पहचान गुप्त रखी जाती है। इस समय जोधपुर शहर में करीब 2500 और पूरे भारत में लगभग 10 लाख वकील है।
सदस्यता लेनी होगी
इस वेबसाइट से जुडने के लिए वकील के पास बार काउंसिल की सदस्यता होनी जरूरी है। उसे स्क्रीनिंग की प्रक्रिया से भी गुजरना होगा। इसकी एक महीने की सदस्यता के लिए वकील को जहां 450 रुपए भुगतान करना होगा वहीं एक साल के लिए यह शुल्क 3600 रुपए रखा गया है। वेबसाइट पर मिलने वाले वकीलों में केवल भारत के ही नहीं इनमें इंग्लैंड, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, पाकिस्तान के साथ कई देशों के वकील शामिल हैं।
ये भी हैं सदस्य
>> दो कंपनियों के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई इस वेबसाइट से लोगों की समस्या आसानी से हल हो सकेगी। इससे बिना इधर-उधर जाए लोगों को तुरंत वकील के माध्यम से सलाह मिल जाएगी।
फिरोज खान, एडवोकेट राजस्थान हाइकोर्ट
>> सूचना के अधिकार एवं विधिक सेवा के निशुल्क प्रावधानों के लिए सरकार सुविधा मुहैया करा रही है। इसी तरह न्यायिक क्षेत्र में निजी कंपनियों के द्वारा जारी वेबसाइट से व्यस्त शेडयुल में काम करने वालों के लिए आसानी होंगी।
मनीष व्यास, पूर्व महासचिव, बार एसोसिएशन, राजस्थान हाइकोर्ट
>> इस वेबसाइट से जुड़ने के बाद मुझसे शहर के मोहम्मद सरफराज ने सिविल सूट के लिए संपर्क किया। इसके अलावा कई और कंपनियों ने भी अपनी समस्याएं बताई हैं।
रितेश गहलोत, एडवोकेट, राजस्थान हाइकोर्ट