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International International इस्लामाबाद. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया पर न्यायपालिका या न्यायाधीशों पर आधारित कोई भी कार्यक्रम या प्रोमो दिखाने पर सोमवार को पाबंदी लगा दी।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सभी टेलीविजन चैनलों और अखबारों को निर्देश दिया है कि वे तीन नवंबर 2007 के बाद से प्रकाशित या प्रसारित कार्यक्रमों, लेखों और रिपोर्टो का विवरण अदालत में दाखिल करें।
माना जा रहा है कि यह फैसला देश में अपदस्थ न्यायाधीशों की बहाली के मुद्दे को तूल पकड़ने से रोकने की कवायद में राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ एवं सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को राहत मिलेगी, जबकि पाकिस्तान मुस्लिम लीग [नवाज] इससे हतोत्साहित हो सकती है।
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