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और कृषि जिंसों के वायदा कारोबार पर रोक नहीं लगेगी : पवार

नई दिल्ली.शरद पवार केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने सोमवार को आलू, सोया तेल, रबर व चने के अलावा अन्य कृषि जिंसों के वायदा पर रोक लगाने की संभावना को सिरे से नकार दिया। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार की अन्य जिंसों के वायदा कारोबार पर रोक लगाने की कोई योजना नहीं है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि उपरोक्त जिंसों के वायदा कारोबार पर लगी रोक चार माह से अधिक नहीं खींची जाएगी। सीआईआई के एक कार्यक्रम के बाद उन्होंने कहा कि यह रोक महंगाई काबू में करने के उद्देश्य से लगाई गई है।

किन-किन पर रोक:
वर्ष - जिंस
2008-09- रबर, चना, आलू व सोया।
2007-09- गेहूं, चावल, तुअर, उड़द।हर रोज 600 करोड़ का नुकसान :
फारवर्ड मार्केट कमीशन (एफएमसी) द्वारा चार जिंसों के वायदा कारोबार पर रोक लगाने से कमॉडिटी एक्सचेंजों को ६क्क् करोड़ प्रतिदिन यानि 15,000 करोड़ रुपए प्रति माह का नुकसान हो रहा है।

अभिजीत सेन समिति पर गौर नहीं:
कृषि मंत्री ने कहा कि वायदा कारोबार के कीमतों पर प्रभाव की जांच करने के लिए गठित अभिजीत सेन समिति की रिपोर्ट पर गौर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि उसमें विशेष सिफारिशों के अतिरिक्त निजी विचार भी शामिल हैं।

चावल का रिकार्ड उत्पादन पर कीमतें नहीं घटेंगी:
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य व कृषि संगठन (एफएओ) के अनुसार इस वर्ष विश्व में चावल के रिकार्ड उत्पादन की उम्मीद है।
संभावित वृद्धि- 2.3 फीसदी
संभावित उत्पादन- 6660 लाख टन

एफएओ का कहना है कि इसके बावजूद चावल की कीमतें नई फसल से पहले कम नहीं होंगी।

गेहूं आयात नहीं करेगी सरकार :
केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने दोहराया है कि इस वर्ष सरकार को गेहूं आयात करने की कोई आवश्यकता नहीं है। बंपर उत्पादन व रिकार्ड खरीदी के चलते देश में गेहूं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

कब तक चलेगी खरीदी :
15 मई - पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व मप्र
15 जून - बिहार व उप्र

गेहूं का श्रेष्ठ उत्पादन :
1999-2000- 764 लाख टन
2007-08 - 768 लाख टन
2006-07 - 748 लाख टन

चावल निर्यात प्रभावित :
पाकिस्तान ने उच्च श्रेणी के बासमती चावल का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमएसपी) १५क्क् डालर प्रति टन करने का फैसला किया है। इससे भारत के बासमती निर्यात पर असर पड़ने की आशंका है।

गेहूं खरीदी (वर्ष 2008-क09)-
लक्ष्य - 150 लाख टन
अब तक - 185 लाख टन
उम्मीद - 200 लाख टन
(नोट : इसके बाद भी खरीदी जारी रहेगी।)
वितरण (पीडीएस)- 120 लाख टन





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