भोपाल.
शहर की हाईराईज इमारतें किस कदर असुरक्षित हैं, यह सोमवार को एक बार फिर साफ हो गया। नगर निगम के अधिकारियों ने आज इनमें से कुछ इमारतों में आग बुझाने किए गए बंदोबस्तों की जांच की। पता चला कि कहीं भी आग से बचाव के मौजूदा साधन काम नहीं कर रहे हैं। स्थिति को देखने के बाद निगम के अधिकारियों ने चेताया कि ऐसे हालात में यदि इनमें से किसी भी इमारत के ऊपरी हिस्से में आग लग गई तो उसे बुझाना और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना नामुमकिन होगा।
राजधानी की हाईराईज बिल्डिंग्स में उड़ाई जा रही नियमों की धज्जियों पर दैनिक भास्कर में 11 मई के अंक में प्रकाशित खबर के बाद, महापौर सुनील सूद के निर्देश पर सोमवार को फायरब्रिगेड के एक दल ने कुछ ऊंची इमारतों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सभी भवनों में फायर फाइटिंग सिस्टम बंद पाया गया।
ऐसे मिले हालात
विजय स्तंभ: नगर निगम के सहायक फायर आफिसर साजिद खान दोपहर तीन बजे एमपी नगर स्थित विजय स्तंभ पहुंचे तो, सुरक्षा गार्ड नदारद मिला। पंप हाउस में ताला था, पानी वाला पाइप गायब, सिस्टम जाम और फायर फाइटिंग सिस्टम पानी की लाइन से नहीं जुड़ा था। 11 मंजिल की लगभग 90 फुट ऊंची इस इमारत को भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई है।
प्लेटिनम प्लाजा: मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड द्वारा मात्र सात साल पहले बनाई गई इस 10 मंजिला इमारत में निरीक्षण के लिए फायरब्रिगेड दोपहर साढ़े तीन बजे पहुंची। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि फायर फाइटिंग सिस्टम के पाइप गायब हैं और नोजल भी टूटे हुए हैं।
बेतवा अपार्टमेंट: मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड द्वारा वर्ष 1974-75 में बनाए गए इस आठ मंजिला भवन में फायर फाइटिंग सिस्टम ही नहीं है।
फायरब्रिगेड के पास जो हाईड्रोलिक प्लेटफार्म है वह मात्र 70 फुट ऊंचाई तक ही कार्य करता है, हाईराईज बिल्डिंग्स 80 से 110 फुट तक ऊंची हैं इन भवनों में ऊपरी मंजिलों में आग लगती है तो फायरब्रिगेड असहाय है। सभी हाईराईज भवनों को फायर फाइटिंग सिस्टम दुरुस्त कराने नोटिस दिए जा चुके हैं लेकिन इन्हें दुरुस्त नहीं कराया गया है।
-साजिद खान, सहायक फायर ब्रिगेड आफिसर
नगर निगम का नोटिस नहीं मिला, फायर फाइटिंग सिस्टम काम नहीं कर रहा यह बात मेरी जानकारी में नहीं है, दैनिक भास्कर में समाचार पढ़ने के बाद मुझे पता चला है, इस विषय में कार्रवाई की जाएगी।
-पीके मजूमदार, कार्यपालन यंत्री एमपी हाउसिंग बोर्ड विजय स्तंभ नगर निगम के सुपुर्द कर दिया गया है यदि वहां कोई अनियमितता पाई गई है तो निगम दोषी है।
-सुरेन्द्रनाथ सिंह , अध्यक्ष भोपाल विकास प्राधिकरण