इंदौर.
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों ने सोमवार सुबह दो घंटे तक काम बंद रख सभा की। मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों की पोल खोली। इस दौरान कुलपति व रजिस्ट्रार सहित कई अधिकारी दफ्तर ही नहीं पहुंचे।
कई दिन बातचीत के बाद भी कोई हल नहीं निकला तो कर्मचारियों ने सोमवार सुबह काम शुरू करने से पहले ही नालंदा कैम्पस में सभा शुरू कर दी। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय कर्मचारी (गैर शिक्षक) संघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन की मनमानी के कई उदाहरण दिए और सभा दो घंटे तक चलती रही।
इस दौरान दो सब रजिस्ट्रार पहुंचे लेकिन काम शुरू नहीं कर पाए। इसी कारण छात्र भी परेशान होते रहे। अध्यक्ष अनिल कुमार यादव, महासचिव बी.डी. कुशगोतिया व अन्य पदाधिकारियों ने चरणबद्ध आंदोलन जारी रखने की घोषणा की।
सभा में बोले- नियम बना लिया है मंजूरी के लिए जो राशि आएगी, आधी कर देंगे
अधिकारी कर्मचारी हित में किए हाई कोर्ट के फैसले भी नहीं मानते और कानूनी सलाह लेने की बात करते हैं।
राकेश यादव ने कहा रजिस्ट्रार आर.डी. मूसलगांवकर ने नियम बना लिया है कर्मचारी हित में जो भी राशि मंजूर होने आएगी, आधी कर देंगे।
पूर्व अध्यक्ष संतोष रघुवंशी ने कहा अधिकारी यूनिवर्सिटी की गाड़ियों का जमकर दुरुपयोग कर रहे हैं। हाल ही में एक सेंट्रो कार कार्यपरिषद ने मंजूर की, जो एक बार भी यूनिवर्सिटी नहीं आई। उसमें एक वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी घूमती है।
आंदोलन में असिस्टेंट रजिस्ट्रार के.पी. दुबे भी शामिल हुए और नारेबाजी की। (अब यूनिवर्सिटी प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है।)
नैक टीम आई थी तब भी आंदोलन की तैयारी थी लेकिन यूनिवर्सिटी की इज्जत के लिए स्थगित कर दिया। अव्यवस्थाओं के राज भी नहीं खोले।
कुछ सब रजिस्ट्रार यूनिवर्सिटी के खर्च पर ही एमबीए कर रहे हैं। वे काम के समय ही पढ़ते हैं।