News
Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. मध्यप्रदेश में आने वाले तीन वर्षो में आवासीय व गैर आवासीय जमीन व मकान आदि की रजिस्ट्री पर स्टाम्प ड्यूटी अधिकतम पांच फीसदी तक रह जाएंगी।
क्या है बिल्डरों की मांग
- काउंटर मेग्नेट सिटी में मंत्री रियलिटी मुंबई द्वारा 57 करोड़ रुपए में 375 एकड़ व अंसल बिल्डवेल द्वारा 10 करोड़ रुपए से अधिक राशि में 42 एकड़ आवासीय भूमि क्रय की गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से इन बिल्डरों ने जमीन-मकान की रजिस्ट्री के लिए स्टाम्प ड्यूटी की दरें कम करने की मांग की है।
सरकार कर चुकी है एग्रीमेंट
- जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्युअल मिशन में मध्यप्रदेश के शहरों के विकास के लिए राज्य सरकार जमीन-मकान आदि की रजिस्ट्री पर स्टाम्प ड्यूटी कम करने का एग्रीमेंट कर चुकी हैं। मार्च 2006 में नगरीय प्रशासन तथा आवास एवं पर्यावरण विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव पीडी मीना ने इंदौर व भोपाल के नगर निगम आयुक्त व केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुए एग्रीमेंट में पांच वर्षो में मध्यप्रदेश में जमीनों की रजिस्ट्री की स्टाम्प ड्यूटी अधिकतम पांच फीसदी तक करने पर सहमति व्यक्त की गई है। इस वर्ष राज्य सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी में आधा फीसदी की कमी है। आने वाले तीन वर्षो में यह पांच फीसदी रह जाएगी।
क्या है रिन्युअल मिशन
- जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्युअल मिशन में मध्यप्रदेश के भोपाल व इंदौर सहित देश के 63 शहरों के विकास के लिए 4.5 लाख करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। इस योजना में शामिल शहर की आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए संबंधित शहर के स्थानीय निकाय (नगर निगम) प्रस्ताव या प्रोजेक्ट भेज सकते थे। इसके अंतर्गत जितनी राशि की योजना होती है उसकी 50 फीसदी केन्द्र सरकार, 20 फीसदी राज्य सरकार व शेष 30 फीसदी संबंधित शहर का स्थानीय निकाय वहन करता है।
10 फीसदी से अधिक है स्टाम्प ड्यूटी दरें
- मध्यप्रदेश में प्लाट की रजिस्ट्री पर स्टाम्प ड्यूटी (कलेक्टर गाइड लाइन या बाजार दर जो भी अधिक हो उस राशि पर स्टाम्प ड्यूटी ली जाती है।) पुरुषों के लिए 9.90 व महिलाओं के लिए 7.90 फीसदी है। इसके अलावा नगर निगम व पंचायत उपकर अलग हैं। इन करों सहित रजिस्ट्री की दरें पुरुषों के लिए 12 फीसदी तक पड़ती हैं। महिलाओं के लिए रजिस्ट्री की स्टाम्प ड्यूटी में दो फीसदी तक की छूट है।