जयपुर.
सांगानेर एयरपोर्ट पर जेटलाइट विमान के उड़ान भरने के दौरान एयरप्रेशर बढ़ने से उड़े पत्थरों से किंगफिशर का इंदौर जाने वाला विमान क्षतिग्रस्त हो गया। उस वक्त विमान में कोई यात्री नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया, पर किंगफिशर की उड़ान को रद्द कर दिया गया। उसके 25 यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था से भेजा गया।
सांगानेर एयरपोर्ट से सोमवार दोपहर 12:55 बजे रवाना होने वाला किंगफिशर का विमान रनवे नंबर 4 पर खड़ा था। उससे पहले 12:20 बजे जेटलाइट के विमान ने जैसे ही उड़ान भरनी शुरू की, रनवे के आसपास पड़े पत्थर उड़कर किंगफिशर विमान से टकराए और उसके अगले भाग के शीशे चटक गए। घटना के तुरंत बाद यात्रियों को विमान में बैठने से रोक दिया गया और फ्लाइट रद्द कर दी गई। किंगफिशर एयरवेज के विमान एटीआर को जयपुर-इंदौर होते हुए जबलपुर-नागपुर-हैदराबाद जा रहा था।
परेशान यात्रियों ने किया हंगामा
एयरपोर्ट प्रशासन को जैसे ही इस घटना का पता चला तो उसने एहतियातन मौके पर फायरब्रिगेड बुला ली। पहले तो यात्रियों को तकनीकी खराबी बताई गई, जिससे नाराज होकर उन्होंने एयरपोर्ट पर हंगामा कर दिया। बाद में उन्हें बताया गया कि विमान का शीशा चटका है, पर उसे तुरंत नहीं बदला जा सकता, इसलिए उड़ान रद्द की गई है।
करीब एक घंटे तक यात्रियों का विमान कंपनी के प्रतिनिधियों से विवाद होता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यात्रियों का कहना था कि उन्हें दूसरी फ्लाइट से इंदौर भेजा जाए, पर विमानन कंपनी के प्रतिनिधि इसके लिए राजी नहीं हुए। काफी जद्दोजहद के बाद विमानन कंपनी ने कुछ यात्रियों को कारों से इंदौर के लिए रवाना किया। विमान को टर्मिनल की तरफ खड़ा कर दिया गया है। उसका शीशा बदलने के लिए मुंबई से दूसरी उड़ान से इंजीनियर सामान के साथ आएंगे।
पावर बढ़ाने से हुई दुर्घटना
विमानन कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि सांगानेर एयरपोर्ट पर पुश बैक सुविधा नहीं है। इस कारण विमान कंपनियों के पायलट न्यूनतम पावर का इस्तेमाल करते हैं। जेटलाइट के पायलट के पावर बढ़ाने से वहां पड़े पत्थर उड़कर किंगफिशर के विमान से टकरा गए। पुश बैक सुविधा से उड़ान भरते और विमान उतरते समय यात्रियों को झटका नहीं लगता। इस झटके को रोकने के लिए ही न्यूनतम पावर का इस्तेमाल किया जाता है।
टैक्सी-वे निर्माण के पत्थर
कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार रनवे पर टैक्सी-वे का निर्माण कार्य चल रहा है, जो पत्थर जेटलाइट विमान के एयरप्रेशर से उड़े, वे इसी सामग्री का हिस्सा थे।
हर्जाने के लिए इन्वेस्टीगेशन
किंगफिशर एयरलाइंस का कहना है कि जेटलाइट के विमान से उनके विमान को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। इसके लिए मुंबई के विशेषज्ञ इन्वेस्टीगेशन करेंगे। बाद में हर्जाने का दावा किया जाएगा।