नई दिल्ली भारत में इंटरनेट टेलीफोनी को ज्यादा मुक्त बनाने की तैयारी चल रही है। घरेलू फिक्स्ड लाइन और मोबाइल पर नेट टेलीफोनी को मंजूरी दी गई तो लंबी दूरी की कॉल दरों में और गिरावट आएगी। दूरसंचार नियामक ट्राई ने सोमवार को इंटरनेट टेलीफोनी के बारे में एक कंसल्टेशन पेपर (रायशुमारी) जारी किया है। इसमें सभी पक्षों से राय मांगी गई है कि क्या इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) को फिक्स्डलाइन व मोबाइल फोन पर इंटरनेट टेलीफोनी उपलब्ध कराने की अनुमति दी जानी चाहिए?
अभी इंटरनेट टेलीफोनी विभिन्न आईएसपी के बीच ही हो सकती है। ट्राई का कंसल्टेशन पेपर इस बात का संकेत है कि मोबाइल व घरेलू फोन पर इंटरनेट टेलीफोनी को कानूनी जामा पहनाया जा सकता है। ट्राई के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भूमिका में लिखा है कि पब्लिक स्विच्ड टेलीफोन नेटवर्क या विदेश के पब्लिक लैंड मोबाइल नेटवर्क के जरिए पहले ही प्रतियोगिता चल रही है। इसका लाभ ग्राहकों को मिला है। जब इंटरनेट टेलीफोनी को भारत में मंजूरी दी जाएगी तो ऐसा ही असर होने की उम्मीद है। तब बड़ी संख्या में कंपनियां इंटरनेट टेलीफोनी उपलब्ध करा सकती हैं।
अभी देश में लंबी अवधि की काल दरें 2.40 से 2.75 रुपए प्रति मिनट के बीच हैं। भारत में अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट टेलीफोनी का बाजार सितंबर 2007 की तिमाही में 15 फीसदी बढ़ा है। यह इजाफा भारतीय आईएसपी और विदेश में फोन कनेक्शन के बीच संपर्क की अनुमति के बाद हुआ है।