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International International बैंकॉक/ संयुक्त राष्ट्र.
अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसी ऑक्सफेम ने कहा है कि म्यांमार में चक्रवाती तूफान ‘नरगिस’ से तबाह हुए इलाकों में यदि स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था तुरंत नहीं की गई तो मरने वालों की संख्या में 15 गुना तक का इजाफा हो सकता है। तूफान में मरने वालों की संख्या एक लाख होने का अनुमान है। उधर, भारत और संयुक्त राष्ट्र संघ के लगातार कहने पर म्यांमार आखिरकार अंतरराष्ट्रीय मदद स्वीकार करने पर सहमत हो गया है। राहत सामग्री लेकर एक अमेरिकी विमान ने सोमवार को थाईलैंड के वायुसेना अड्डे से यांगून के लिए उड़ान भरी है।
मंगलवार को दो और विमान भेजे जाने की उम्मीद है। ऑक्सफेम के निदेशक साराह आयरलैंड ने कहा कि आने वाले हफ्तों में म्यांमार के तूफान पीड़ित 15 लाख लोगों के महामारी की चपेट में आने की आशंका बनी हुई है।
म्यांमार ने स्वीकारी मदद :
नई दिल्ली. विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी से टेलिफोन पर चर्चा करने के बाद म्यांमार के विदेश मंत्री यू न्यान ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय मदद और चिकित्सा सहायता स्वीकार करने पर सहमति जता दी है।
तीन दिन पहले अमेरिका की विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस ने प्रणव मुखर्जी से आग्रह किया था कि वे इस संबंध में पहल करें।