नई दिल्लीभारत स्वदेशी हलके लड़ाकू विमान (एलसीए) ‘तेजस’ के लिए अधिक ताकतवर आधुनिक इंजन की तलाश में है। भारतीय वायुसेना भी बेंगलूर में विकसित किए जा रहे ‘तेजस’ के लिए अपना ऑर्डर दोगुना बढ़ाकर 20 से 40 करने पर विचार कर रही है।
भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ने इंजन की तलाश के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की है। सरकार अन्य कंपनियों के अलावा यूरोजेट और जीई जैसी कंपनियों से भी बातचीत कर रही है। यूरोजेट यूरो फाइटर के लिए इंजन बनाती है, जबकि जीई ने तेजस के मौजूदा जीई-एफ 404 इंजनों की आपूर्ति की है।
वायुसेना की आपत्तियां
तेजस द्वारा वायुसेना के मिग-21 बेड़े का स्थान लेने की संभावना है। वायुसेना ने मौजूदा जीई-एफ 404 इंजनों को लगाने के बारे में अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इसे लगाने के बाद विमान का वजन आठ हजार किलोग्राम से बढ़कर दस हजार किलोग्राम हो गया। वजन बढ़ने और अन्य बातों से इस विमान की परीक्षण उड़ानें वायुसेना की कसौटी पर खरी नहीं उतर रही हैं।
कावेरी पूर्ण विकसित नहीं
इससे बाध्य होकर सरकार को जीई-एफ 404 इंजनों से ज्यादा ताकतवर इंजनों की तलाश करनी पड़ रही है। मूलत: तेजस को ताकत देने के मकसद से बना स्वदेशी इंजन ‘कावेरी’ अभी भी पूर्णत: विकसित नहीं हुआ है।