नई दिल्ली. सरकारी स्कूलों में क्वॉलिटी एजुकेशन देने के लिए प्राइवेट प्रोवाइडरों के साथ भागीदारी का फैसला किया गया है। केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने सभी राज्यों से कहा है कि वे प्राइवेट प्रोवाइडरों के साथ पार्टनरशिप कर स्कूलों में आधुनिक संसाधनों से युक्त इन्फर्मेशन और कम्यूनिकेशन टेक्नॉलजी (आईसीटी) सुविधा मुहैया कराएं।
राजकीय स्कूलों में कंप्यूटर समर्थित एजुकेशन अभी बहुत ही सीमित दायरे में चल रही है। यहां तक कि आधुनिक उपकरणों और शिक्षकों के अभाव में क्वॉलिटी एजुकेशन के लक्ष्य को पाने में काफी दिक्कतें महसूस की जा रही हैं।
स्कूलों में पर्याप्त संख्या में कंप्यूटर न होने की समस्या तो है ही। इसके अलावा टेक्नीशियनों व कंप्यूटर प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी की वजह से कंप्यूटर के माध्यम से शिक्षा के प्रचार प्रसार का काम लगातार पिछड़ता जा रहा था। देश में ऐसे स्कूलों की संख्या हजारों में है जहां छात्रों को अभी तक कंप्यूटरों के माध्यम से शिक्षा देने का चलन शुरू नहीं हो सका है।
मंत्रालय ने अपने निर्देश में कहा है कि प्राइवेट पार्टनरशिप के द्वारा स्कूलों में समय सीमा के तहत कंप्यूटर टेक्नॉलजी का इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए। क्वॉलिटी शिक्षा के लिए पाठ्यक्रमों के नए मॉड्यूल बनाए जाएं ताकि छात्रों में कंप्यूटर टेक्नॉलजी के ज्यादा से ज्यादा उपयोग के प्रति रुचि पैदा हो।