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मिसाइल परियोजना की कमान पहली बार महिला के हाथों में

नई दिल्ली. अग्नि सेना में लेफ्टिनेंट जनरल तथा भारतीय वायु सेना में एयर मार्शल के पदों तक पहुंचने के बाद अब एक महिला देश की महत्वपूर्ण मिसाइल परियोजना की कमान संभालने जा रही है।

डॉ. टेसी थॉमस (45) रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में कार्यरत करीब 200 महिला वैज्ञानिकों और तकनीकीविदों में से एक हैं। उन्हें 2000 किलोमीटर तक मार करने वाली परमाणु हथियार वाहक अग्नि-2 मिसाइल के उन्नत संस्करण में परियोजना निदेशक के पद पर नियुक्ति के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। वे फिलहाल 3,000 किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-3 मिसाइल परियोजना में एसोसिएट परियोजना निदेशक हैं।

अग्नि-2 के नए संस्करण के बारे में पूछे जाने पर थॉमस ने बताया, 'यह अभी एक गोपनीय परियोजना है। यह अग्नि-2 ए (2) कहलाएगी।' उन्हें सोमवार को प्रधानमंत्री ने अग्नि-3 के संपूर्ण दल के साथ सम्मानित किया था।

थॉमस ने बताया, 'मुझे मेरा काम पसंद है। मुझे महसूस होता है कि मैं देश की सुरक्षा में योगदान दे रही हूं।' उन्होंने अपने बेटे का नामकरण देश के हलके लड़ाकू विमान 'तेजस' के नाम पर रखा है।

उन्होंने कालीकट स्थित त्रिशूर इंजीनियरिंग कॉलेज से बी.टेक तथा पुणो से एम. टेक किया है। थॉमस तमाम ठोस प्रणोदन प्रणाली की विशेषज्ञ हैं।

थॉमस ने बताया,‘जब पिछले हफ्ते उड़ीसा के ह्वीलर्स आइलैंड से अग्नि-3 का परीक्षण हुआ था, तब वहां सात महिला वैज्ञानिक मौजूद थीं, जिनमें वे खुद भी शामिल थीं। हम दुनिया के सामने महज यह दिखाना चाहते थे कि मिसाइल प्रणाली में कुछ भी गलत नहीं है, जैसा कि इसके पहले विफल परीक्षण के बाद कहा जा रहा था।’





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