नई दिल्ली.
सुप्रीम कोर्ट ने टाटा की नैनो कार प्रोजेक्ट के लिए सिंगूर में किए भूमि अधिग्रहण को उचित ठहराने के कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर टाटा मोटर्स, पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किए हैं। हालांकि शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले के अमल पर रोक लगाने से इनकार किया है।
जस्टिस केजी बालकृष्णन, जस्टिस आरवी रवींद्रन और एमके शर्मा की बेंच ने मंगलवार को ये नोटिस कुछ ऐसे किसानों की याचिका पर जारी किए, जिनकी कृषि योग्य भूमि का विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) के लिए जबरदस्ती अधिग्रहण कर लिया गया था। जजों ने कहा कि नोटिस पर जवाब आने के बाद मामले की जुलाई में सुनवाई की जाएगी।
सभी का हित : किसानों ने अधिनियम के चैप्टर दो के तहत अपनी भूमि के अधिग्रहण को चुनौती दी है, जिसमें सरकार को सार्वजनिक हित में भू स्वामी की सहमति के बिना भी अधिग्रहण का अधिकार है। याचिकाकर्ताओं की दलील है कि सेज सार्वजनिक हित में नहीं है, क्योंकि यह पूरी तरह व्यावसायिक उपक्रम है। उनका कहना था कि चैप्टर सात के अनुसार जमीन का खरीददार सीधे भूस्वामियों से ही सौदा करेगा, अधिगृहीत की जा रही जमीन उपजाऊ नहीं होना चाहिए और इसकी कीमत भी किसानों के साथ चर्चा कर तय होना चाहिए।
हाईकोर्ट से खारिज : सिंगूर में एक हजार एकड़ भूमि के अधिग्रहण के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने 2006 में अधिसूचना जारी की थी। किसानों ने इस अधिसूचना को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने इस याचिका को गत 18 जनवरी को खारिज कर दिया था।