जोधपुर.
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में आरएएस भर्ती परीक्षा-2007 की मुख्य परीक्षा के लिए 13 मार्च 2008 को जारी कट ऑफ मार्क्स को अवैध करार देते हुए निरस्त करने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने आरपीएससी को सभी श्रेणियों की वरियता सूची पुन: प्रकाशित करने के आदेश दिए हैं।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सभी श्रेणियों की वरियता सूची बनाने से पहले सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों की सूची में उन सभी आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के नाम जोड़े जाएं जो अपनी वरियता के आधार पर सामान्य श्रेणी में स्थान पाने के हकदार हों।
न्यायालय ने ओबीसी श्रेणी के 689 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति देने के भी आदेश दिए हैं, जिन्होंने सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। न्यायाधीश गोविंद माथुर ने यह आदेश भवानीसिंह व अन्य की ओर से दायर याचिका में दिए हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पीपी चौधरी और रमनदीपसिंह ने आरएएस व अधीनस्थ सेवा की भर्ती परीक्षा के लिए प्रारंभिक परीक्षा के बाद ओबीसी के लिए जारी कट ऑफ मार्क्स की वरियता सूची को चुनौती देते हुए कहा कि यह सूची संविधान के प्रावधानों के विरुद्ध है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग ने सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग की वरियता सूची के आधार पर प्रत्येक सूची में से मुख्य परीक्षा के लिए पंद्रह गुना अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया। याचिका में कहा गया कि ओबीसी की वरियता सूची में 689 अभ्यर्थी ऐसे भी हैं जिनके प्राप्तांक सामान्य सूची के अभ्यर्थियों से अधिक हैं।
संविधान के अनुसार विभिन्न श्रेणी के लिए आरक्षण का प्रावधान न्यूनतम रखा गया है लेकिन लोक सेवा आयोग अपनी प्रशासनिक कार्यवाही से नियमों की गलत व्याख्या करते हुए न्यूनतम आरक्षण को अधिकतम आरक्षण में बदलकर संविधान व सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों की गलत व्याख्या कर रहा है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से सर्वोच्च न्यायालय की ओर से चतरसिंह व धर्मवीर ढोलिया के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि इन मामलों में इन्हीं नियमों की व्याख्या की गई है अत: राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा जारी कट ऑफ मार्क्स की विज्ञप्ति नियमानुसार है।
ओबीसी को मुख्य परीक्षा से वंचित रखा
उल्लेखनीय है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग ने आरएएस के लिए 155 व अधीनस्थ सेवा के लिए 426 पदों के लिए एक जून 2007 को विज्ञापन जारी किया और विभिन्न श्रेणी के अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए थे।
प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर विभिन्न श्रेणियों के कट ऑफ मार्क्स की सूची 13 मार्च 2008 को प्रकाशित की गई और प्रत्येक श्रेणी के पंद्रह गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए आमंत्रित किया गया। जब कि ओबीसी के 689 अभ्यर्थियों के सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों से अधिक प्राप्तांक होते हुए भी उन्हें परीक्षा में सम्मिलित करने से वंचित कर दिया गया। जबकि ओबीसी अभ्यर्थियों पुरुष व महिला के कट ऑफ मार्क्स क्रमश: 206.90 और 163.83 है। जबकि सामान्य अभ्यर्थियों पुरुष व महिला के कट ऑफ मार्क्स क्रमश: 193.14 और 148.96 हैं, जो ओबीसी के कट ऑफ मार्क्स से काफी कम हैं।