अजमेर. दरगाह बाजार इलाके में मंगलवार शाम जायदाद के बंटवारे को लेकर एक ही परिवार के लोगों के बीच मारपीट हो गई। झगड़े में चार जने जख्मी हुए हैं। दरगाह थाना पुलिस ने दोनों पक्षों में से महफूज, उसके दोनों बेटों शाकिर, शामिर तथा अजहर और दूसरे पक्ष के जहीर के दोनों बेटों फरीद, समीर तथा उसके भानजे गुलाम रसूल को शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। सातों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
मोती कटला स्थित ख्वाजा निजाम रेस्टोरेंट पर जहीर खान का बेटा समीर बैठा था। इस बीच हाजी मोहम्मद, युनूस खान, अयूब खान, अजहर और सात-आठ अन्य लोगों ने हॉकी स्टिक, सरिए और पाइप से उस पर हमला कर दिया। झगड़े की आवाज सुनकर जहीर खान, उसका बेटा फरीद और भानजा गुलाम रसूल जैसे ही नीचे आए तो हमलावर समीर को छोड़कर तीनों पर टूट पड़े। दरगाह थाना पुलिस ने लोगों को काबू में किया। पुलिस ने घायल जहीर खान, समीर, फरीद और गुलाम रसूल का जेएलएन चिकित्सालय में मेडिकल कराया। जहीर खान ने हाजी मोहम्मद, युनूस खान, अयूब खान और अजहर सहित सात-आठ अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दी है।
अफरा-तफरी
क्षेत्र में मंगलवार को छठी शरीफ के कारण जायरीन की काफी भीड़ थी। इस दौरान झगड़ा होने से अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए घटनास्थल के सामने रास्ता जाम हो गया।
बातचीत हुई थी
जहीर खान ने बताया कि उसके पिता हुसैन ने दो शादी की थी। उसके सौतेले भाइयों से बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। सोमवार को दोनों पक्षों में बातचीत हुई थी। दोनों पक्षों के बीच तय हुआ था कि मंगलवार को बंटवारा कर लिया जाएगा।
घर में घुसकर हमला
मुकदमा वापस नहीं लिया, तो पीट दिया
जौन्सगंज इलाके में सोमवार रात को मुकदमा वापस नहीं लेने से खफा कुछ युवकों ने एक परिवार पर हमला कर दिया। मारपीट में महिला सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। रामगंज थाना पुलिस ने मारपीट का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गड्डी मालियान निवासी तारासिंह ने थाने पहुंचकर बताया कि शाम को उसका बेटा विजेंद्र जूस की दुकान पर गया था। वहां जौंसगंज निवासी पोचू उर्फ रणजीत चौधरी, मन्नू कुश्वाहा, अन्नू चाय वाला, अशोक विहार निवासी अन्नू तथा अन्य लगभग दस-बारह युवकों ने पुरानी रंजिश के चलते उससे मारपीट की। विजेंद्र वहां से भाग कर घर आ गया और परिवार को झगड़े के बारे में बताया। इस बीच हमलावर तलवार, डंडे और लाठियां लेकर घर भी आ गए और मारपीट शुरू कर दी। हमले में ताराचंद तंवर, धोला भाटा निवासी उसकी बेटी अनिता, दामाद राजकुमार धनेरिया और विजेंद्र के चोटें आईं। मारपीट के बाद युवक फरार हो गए।
इसलिए है अदावत
ताराचंद ने बताया कि लगभग दो साल पहले भी रणजीत ने विजेंद्र के साथ मारपीट की थी, जिसका मुकदमा अदालत में है। रणजीत और उसका पिता रेलवे कर्मचारी प्रताप चौधरी काफी समय से मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। उनकी बात नहीं मानने से वे खफा थे। इसी कारण सोमवार रात को हमला कर दिया।
जबरन रुपए मांगता था
विजेंद्र ने बताया कि करीब दो साल पहले गड्डी इलाके में उसकी इलैक्ट्रॉनिक्स की दुकान थी। रणजीत उससे दोस्ती रखता था। वह आए दिन रुपए लेता था और नहीं देने पर मारपीट करता था। कुछ दिन बाद उसकी मांग बढ़ गई। रुपए नहीं देने पर रणजीत ने दुकान पर कुछ युवकों के साथ मिलकर उसे जमकर पीट दिया था। बाद में विजेंद्र के घर पर पथराव भी किया था।