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तीन अफसर दोषी

अजमेर. आनासागर सरक्यूलर रोड पर बने शॉपिंग मॉल की जमीन का आवासीय से व्यावसायिक भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क कम लेने की शिकायत की जांच में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नगर परिषद के तत्कालीन आयुक्त (विकास) राधेश्याम गुप्ता, सचिव बीएल शर्मा और कनिष्ठ अभियंता को दोषी माना है। ब्यूरो ने मुख्यालय को पत्र लिखकर मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की है।

ब्यूरो के उप अधीक्षक शरद चौधरी ने जांच के दौरान शिकायतकर्ता और अफसरों के बयान दर्ज किए थे। इसके अलावा नगर सुधार न्यास से भी आनासागर सरक्यूलर रोड योजना को नगर परिषद को हस्तांतरण करने के संबंध में जानकारी मांगी थी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जांच में पाया कि इन अफसरों के कृत्य से अजमेर नगर परिषद को तीस लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

क्या है मामला

पार्षद सत्यनारायण गर्ग ने एसीबी में शिकायत की थी कि शॉपिंग मॉल की जमीन के 6 आवासीय भूखंड का अलग-अलग व्यावसायिक भू उपयोग परिवर्तन नगर परिषद ने किया था, जबकि जमीन एक थी। यहां तक कि भूमि मालिकों को फायदा पहुंचाने के लिए भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क 40 प्रतिशत के बजाय 3580 रुपए का बीस प्रतिशत लिया है। दूसरा, भू-उपयोग परिवर्तन करने का अधिकार राज्य सरकार को है। परिषद ने सोनी नगर के नाम से नियमन किया है, जबकि इस नाम से कोई नगर नहीं है।

डीसी कोर्ट में भी केस : शॉपिंग मॉल की जमीन के गलत भू- उपयोग परिवर्तन की याचिका संभागीय आयुक्त न्यायालय में भी लगाई गई थी। संभागीय आयुक्त न्यायालय में सभी पक्षों ने अपना पक्ष रख दिया है। फैसला आना बाकी है।





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