अजमेर. शैक्षिक एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विभागीय पत्रिका ‘नवप्रभात’ में महकमे के मंत्री कालीचरण सर्राफ को ही तव्वजो नहीं मिली। पहले अंक में प्रकाशित किए गए बधाई संदेशों में जनप्रतिनिधियों एवं अफसरों को तो प्राथमिकता दी गई है, लेकिन सर्राफ नजरअंदाज कर दिए गए। महकमे की त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन शैक्षिक एवं प्रौद्योगिकी विभाग परिसर में मंगलवार को कलेक्टर नवीन महाजन ने किया।
महकमे द्वारा ई-पत्रिका की शुरुआत करने पर एक हजार कॉपियां छपवाई गई हैं, जिसमें महकमे से संबंधित प्रक्रिया, प्रशिक्षण शिविरों एवं फिल्म लाइब्रेरी व महकमे का इतिहास प्रकाशित किया गया है। संपादक मंडल के संरक्षक शैक्षिक एवं प्रौद्योगिकी विभाग के डायरेक्टर दामोदर सोमानी, संपादक व्याख्याता कमलेश यादव तथा सह संपादक व्याख्याता प्रहलाद शर्मा व श्रीमती इंद्रा सोनगरा हैं।
संपादक मंडल ने दावा किया है कि उन्होंने शिक्षा मंत्री को इस संबंध में पत्र लिखा था। उधर 9 मई को अजमेर दौरे पर आए शिक्षामंत्री सर्राफ से महकमे के अधिकारियों व संपादक मंडल ने मुलाकात नहीं की। नतीजतन उनके खुद के महकमे की पत्रिका में ही उनका संदेश प्रकाशित नहीं किया जा सका। महकमे के अफसर अब इस गलती को दबाने में लगे हुए हैं।
क्या कहना है इनका
पत्रिका के प्रकाशन, विमोचन एवं बधाई संदेश के बारे में मुझे सूचना नहीं थी। ना ही इस संबंध में मुझे कोई पत्र प्राप्त हुआ है। ऐसा क्यों हुआ? इस बारे में संबंधित अफसरों से बात करूंगा।’
- कालीचरण सर्राफ, शिक्षा मंत्री
ऐसी गलती शिक्षा अधिकारियों ने क्यों की? पहले ही दफ्तर की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में वे व्यवहारिक कार्य भी पूरी तरह से नहीं कर पा रहे हैं। बात बधाई संदेश प्रकाशित होने की नहीं, सम्मान की है। अफसर चाहते, तो 9 मई को शिक्षामंत्री से इस संबंध में चर्चा कर सकते थे।
-अनिता भदेल, विधायक
शिक्षा मंत्री को इस संबंध में पत्र दिया गया था। उनके दफ्तर से जवाब नहीं मिला। हम उनसे व्यक्तिगत संपर्क नहीं कर सके।
- कमलेश यादव, व्याख्याता, शैक्षिक एवं प्रौद्योगिकी विभाग
‘यह बात सच है किया शिक्षा मंत्री को पत्र प्रेषित किया गया था, मगर उनका जवाब नहीं मिला। यह गलती संपादक मंडल ने जानबूझकर नहीं की है।
- दामोदर सोमानी, निदेशक शैक्षिक एवं प्रौद्योगिकी विभाग