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आज आएगी विशेष संतों की जमात

खमनोर. आयता की धूणी पर एक सप्ताह से चल रहे महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति बुधवार को होगी। वहीं नाथ संप्रदाय की परंपरागत विशेष संतों की जमात बुधवार को सुबह 11 बजे काडों का गुडा़ पहुंचेगी।

गाजे-बाजे के साथ जमात को आश्रम स्थल पर लाया जाएगा। गुरुवार को 300 साल बाद देशभर से नाथ संप्रदाय के सिद्ध संत आयता की धूणी पर एकत्र होंगे, जहां नाथ रीति के अनुसार आठमान का भंडारा होगा।

मंगलवार को यज्ञ स्थल पर महारुद्र स्वाकार के साथ यजमानों ने महारुद्र यज्ञ में आहुतियां दीं। सुबह स्थापित देवता पूजन, दुर्गा पूजन, नवदर्शन, बटुक पूजन, भरव पूजन किए गए। महारुद्र यज्ञ के अंतिम दिन बुधवार को सुबह स्थापित देवता पूजन, दस दिग्पाल पूजन, होम, रुद्र स्वाकार, स्थापित देवता गुड़ा हवन, श.रा. हवन, बावीदान के बाद दोपहर तीन बजे महायज्ञ की पूर्णाहुति की जाएगी। आशीर्वाद, विसर्जन, महाआरती व महाप्रसाद वितरण किया जाएगा। बुधवार शाम को प्रसिद्ध भक्ति संगीतकार मोइनुद्दीन मनचला की भजन संध्या आयोजित होगी।

भंडारा स्थल पर धूणा निर्माण
आयोजन स्थल पर नाथ संप्रदाय के 12 एवं 18 पंथ के पीरों की जमात के लिए परंपरानुसार धूणा एवं आसन निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। बालयोगी ने बताया कि जमात के आगमन के पश्चात धूणा प्रज्वलित किया जाएगा। धूणा के दोनों ओर आसन पर पंथ के शीर्सस्थ संत बिराजमान होंगे। इसके मध्य जमात द्वारा लाई गई गुरु गोरक्षनाथजी की प्रतिमा अस्थाई रुप से स्थापित की जाएगी। महाभंडारे की समाप्ति तक धूणा पर संतों का सत्संग रहेगा।

भारतीय ज्ञान-विज्ञान से विश्व आलोकित : बालयोगी
बुधवार को आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए बालयोगी संतोषनाथ महाराज ने कहा कि भारतीय ज्ञान और विज्ञान के प्रचार-प्रसार, प्रयोग, प्रभाव और उपयोगिता की ओर आज सारा विश्व आकर्षित हो रहा है। सभी यह जानना चाहते हैं कि भारतीय ज्ञान-विज्ञान में ऐसा कौनसा सूत्र, रसायन और सुख-शांति का रहस्य छिपा हुआ है, जिसके प्रयोग मात्र से अद्भुद और आश्चर्यजनक प्रभाव व परिणाम नजर आने लगते हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय योग, ध्यान, प्राणायाम, आयुर्वेद, शिक्षा, संस्कृति, वास्तुकला, विज्ञान, वनस्पति आदि ऐसी तमाम विधाएं पाश्चात्य जगत को आकर्षित किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी विधाएं वहां के वैज्ञानिक प्रयोगों एवं अनुसंधानों में खरी उतर रही हैं, परंतु हम इनके प्रति उतने ही उदासीन हैं। बालयोगी ने शिक्षा की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो व्यक्ति को अपने व्यवसाय के साथ जीवन के प्रति औचित्यपूर्ण दृष्टि दे सकें।

आश्रम पर लगा बाजार
महोत्सव में श्रद्धालुओं के भारी संख्या में आगमन की संभावना के चलते आसपास के छोटे व्यवसायियों द्वार चाय, नाश्ता, गन्ने का रस एवं खिलौनों की स्टालें लगाई गई हैं।

संतों को लाने बसें हरियाणा रवाना
आठमान के भंडारे में आने वाले नाथ संप्रदाय के वरिष्ठ संतों को लाने के लिए बाबूलाल जोशी के नेतृत्व में एक दल मंगलवार को बालयोगी का आशीर्वाद लेकर हरियाणा रवाना हुआ। गुरुवार को सभी संतों को लेकर दल लौटेगा।

धर्मसभा के लिए की बसों की व्यवस्था
धर्मसभा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए साधकों द्वारा बसों की व्यवस्था की गई हैं। श्रद्धालुओं को लेकर आने वाली बसों को काडों का गुड़ा तालाब के पेटे में पार्किग की जाएगी। बसों के पार्किग प्रबंधन का जिम्मा भवानीशंकर पालीवाल, बबलू श्रीमाली व ख्यालीलाल सोनी को दिया गया है।





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