उदयपुर.
‘फासले बढ़ते रहेंगे, गर कुछ मश्विरे बाहम न होंगे’ सियासतें दोनों देशों के नागरिकों के दिलों में बैर पनपा रही हैं, लेकिन पाकिस्तान की आवाम हिंदुस्तानियों के साथ दोस्ताना रिश्ता कायम करने को बेकरार है। भारत आने से पहले हम चिंतित थे, लेकिन यहां की मेहमान नवाजी देखकर दिल भर आया। पाकिस्तानी नागरिकों की भारतीयों को लेकर पूर्वाग्रह व नेगेटिव सोच अब बदलती जा रही है। अब तो दोनों देशों के बीच वीजा की अनिवार्यता समाप्त कर दी जानी चाहिए।
साठ सालों की दुश्मनी और कड़वाहट को भूलकर खुशहाल भविष्य के लिए आगे बढ़ने के इरादे से हिंदुस्तान आए 22 पाकिस्तानी नागरिकों के एक डेलीगेशन ने मंगलवार को लेकसिटी के बुद्धिजीवियों के साथ मंथन में दोस्ती की ये बातें कहीं। इंडो पाक यूथ फॉरम फॉर पीस से जुड़े इन पाकिस्तानी दोस्तों ने खुलकर कहा कि जब पाकिस्तान और भारत के लोग, यहां का रहन-सहन और संगीत-खेल के प्रति दीवानगी कमोबेश एक सी है तो फिर बैर किस बात का है।
सियासतें दोनों देशों के नागरिकों के दिलों में बैर पनपा रही हैं। पाकिस्तान भी मानवाधिकार, स्वास्थ्य-पोषण व शिक्षा जैसे मुद्दों से लड़ रहा है। ऐसे में यूरोपीय ताकतों का मुंह देखने की बजाय भारत-पाक को दोस्ती बढ़ानी चाहिए। डा.मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से मंगलवार को पाक डेलीगेशन के साथ ‘हार्ट-टू-हार्ट डायलॉग फॉर कॉमन फ्यूचर’ का आयोजन हुआ। संवाद के दौरान लेकसिटी में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक पाक डेलीगेशन सदस्यों से रूबरू हुए व दोनों देशों के बीच सौहार्द व प्रेम संबंध बढ़ाने पर अपनी-अपनी राय रखी।
पाक दल के नायक राणा बिलाल ने इस मौके पर कहा कि भारत आने से पहले उन्हें नहीं पता था कि यहां मेहमान नवाजी इतनी शानदार होगी। पूर्व विदेश सचिव जगत मेहता ने कहा भारत की कोई विदेश नीति तब तक सफल नहीं हो सकती जब तक वह पाक के साथ मिलकर नहीं बनें। दोनों के बीच दोस्ती दोनों मुल्कों के हित में है।
समूह चर्चा में प्रो.अरूण चतुर्वेदी, डा. संजय लोढ़ा, हिमालय तहसीन, डा. तेज राजदान, अनिल मेहता, प्रो. एमएस अगुवानी, समाज सेवी व कवि प्रकाश तिवारी, हाजी सरदार मोहम्मद, मनीष जैन, रामावतार, किशोर संत सहित कई जन शामिल हुए। आरंभ में सेंटर फॉर वालंटियरिज्म के सचिव नंदकिशोर शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। शिक्षांतर, सेवामंदिर, आस्था, विद्याभवन, एलर्ट सहित कई एनजीओ के प्रतिनिधि मौजूद थे।