बीकानेर. प्रदेश में सरकारी स्कूलें अब एनजीओ के भरोसे चलेंगी। राज्य सरकार ने नए शिक्षा सत्र से जयपुर और अलवर की 50 स्कूलें भारती फाउंडेशन नामक एनजीओ को गोद दी हैं।
भारती फाउंडेशन ने शिक्षा सत्र 2008-09 के लिए जयपुर की 24 और अलवर की 25 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शालाओं में शिक्षण कार्य शुरू कर दिया है। पिछले शिक्षा सत्र की परीक्षाएं समाप्त होने के साथ ही एनजीओ ने यह स्कूलें अपने अधिकार क्षेत्र में ले ली हैं। इन स्कूलों में कार्यरत शैक्षिक व मंत्रालयिक स्टाफ को अन्य स्कूलों में शैक्षिक व्यवस्था के तहत लगाया गया है।
सूत्रों के अनुसार सरकारी और निजी क्षेत्र में साझेदारी के तहत यह प्रयोग फिलहाल जयपुर और अलवर में किया गया है। इसके लिए पिछले साल राज्य सरकार और भारती फाउंडेशन के बीच एमओयू हुआ था। संगठन को यह स्कूलें दस साल के लिए दी गई हैं। सत्र के मध्य में स्कूलों के हस्तांतरण को लेकर हुए विरोध के कारण इनका हस्तांतरण पिछले माह किया गया। स्कूलें सरकारी भवनों में ही चल रही हैं।
सरकार ने मांगी रिपोर्ट
राज्य सरकार ने भारती फाउंडेशन द्वारा गोद ली गई स्कूलों की प्रगति रिपोर्ट प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा निदेशक से मांगी है। गोद दिए गए स्कूलों में कार्यरत शैक्षिक स्टाफ, उनके कार्यभार और स्कूल की सम्पत्ति के हस्तांतरण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए स्कूली शिक्षा विभाग के शासन उप सचिव ने निदेशक को पत्र लिखा है। यह सभी कार्य संगठन से हुए एमओयू की शर्तो के तहत की करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र को भी निजीकरण की तरफ धकेलने वाला है। एनजीओ को स्कूलें देना शिक्षकों की योग्यता पर सवालिया निशान है। इस निर्णय का विरोध किया जाएगा।
-भंवर पुरोहित, प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, शिक्षक संघ (शेखावत)
यह निर्णय उच्च स्तर पर गत वर्ष हो गया था लेकिन स्कूलें इस वर्ष अप्रैल में भारती फाउंडेशन को दे दी गई हैं। फिलहाल 24 स्कूलें दी गई हैं। एक स्कूल बाद में दी जाएगी।
-रामपाल शर्मा, डीईओ, जयपुर
हम तो मार्च में ही आदेश कर चुके हैं। चालू सत्र से इन स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रारंभ हो चुका है। शैक्षिक स्टाफ को शैक्षिक व्यवस्था के तहत अन्य स्कूलों में लगाया गया है।
-बद्रीनरायण दायमा, डीईओ, अलवर