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तलाक संभावना का अग्रिम अनुबंध

परदे के पीछेविदेशों में तलाक हमेशा महंगा सौदा रहा है और भारत में तलाक का प्रतिशत हाल के वर्षो में बढ़ा है। इसका यह अर्थ नहीं कि पहले शादियां आज की अपेक्षा ज्यादा सफल रहती थीं। पहले लोगों में रिश्ते ढोने की आदत थी और आज लोग जिस गांव जाना नहीं, उसकी राह भी नहीं पूछते।

समाज में हो रहे परिवर्तन आप कई जगह देख सकते हैं। किताबों की दुकान पर पचास प्रतिशत किताबें व्यवसाय प्रबंधन की हैं, पच्चीस प्रतिशत बच्चों की और दस प्रतिशत पर्यटन तथा सिनेमा की। आजकल पुराणों के तथाकथित विश्वसनीय अनुवाद भी बहुत बिकते हैं। साहित्य और कविता के लिए कोई गुंजाइश नहीं है। शोभा डे की एक किताब की प्रतियां सजाकर रखीं गई हैं। इसमें वर्णित भारत केवल मलाबार हिल नामक मुंबई के श्रेष्ठ वर्ग के रहने की जगह का भारत है।

बहरहाल विदेशों में आजकल विवाह के समय ही संभावित तलाक पर दिए जाने वाले धन का भी कानूनी अनुबंध किया जाता है। कुछ इसी तरह की घटना फिल्म उद्योग में भी घटित हुई है परंतु इसका कोई प्रमाण नहीं है। अत: यह सुनी सुनाई भी हो सकती है। यहां इसका विवरण केवल समाज में तेजी से हो रहे परिवर्तन की बात करना है। सुना है कि यश चौपड़ा के बड़े सुपुत्र फिल्मकार आदित्य चोपड़ा ने तलाक के लिए बहुत महंगी रकम चुकाई है, जो शायद एक भव्य बहुसितारा फिल्म के बजट के बराबर है। यह बड़ी रकम युवराज की खुशी के लिए छोटी ही मानी जाएगी, क्योंकि सारा साम्राज्य ही उसकी मेहनत और चतुराई ने गढ़ा है। सुना है कि छोटे भाई उदय कॉजोल की बहन तनीशा से इश्क फरमा रहे थे और विवाह की बात के समय होने वाली दुल्हन से कहा गया कि संभावित तलाक की राशि का अनुबंध भी किया जाना चाहिए।

मीडिया में इस तरह की अफवाह भी थी कि दुल्हन ने अपने हक और साम्राज्य में हिस्से की बात की थी। मुद्दा यह नहीं है दुल्हन ने मांग की या उससे अनुबंध की बात की गई, गौरतलब यह है कि ‘दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ बनाने वालों के जीवन में यह घट रहा है। आज की दुल्हनिया को दिल नहीं धन और सुरक्षा चाहिए या तलाक के हालात बनने पर तय रकम दी जाए और मोल-भाव में वक्त जाया न हो।

यह भी गौरतलब है कि कॉजोल ने ‘दिल वाले दुल्हनिया ..’ में सिमरन की भूमिका की थी और उसी की छोटी बहन उदय की दुल्हन हो सकती थी और अफवाह है कि काजोल की रिश्ते की बहन रानी मुखर्जी आदित्य की दुल्हन होने जा रही हैं, गोयाकी हिंदुस्तानी सिनेमा में फामरूला फिल्म के आदी गुरु शशधर मुखर्जी का परिवार आदित्य से जुड़ने जा रहा है। जीवन में सिनेमा की पटकथा से ज्यादा पेंच होते हैं। आदित्य की शाहरुख खान अभिनीत ‘रब ने बना दी जोड़ी’ की शूटिंग प्रारंभ हो रही है। आजकल यहां का चलन शायद वहां तक पहुंचा है और जोड़ियां बनाने वाला लांग वीक एंड पर जाता है, तो उसका काम यहां वकील कर देते हैं।





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Vivek Bais
Wednesday, 14th May 2008, 17:26
I don't know who has written this article. It seems a news paper like Dainik Bhaskar which has a very good reputation Nationaly / Internationally is printing its article without any legal proof. **India is Not Bollywood** How can we conclude that if ratio of Divorce are rising in bollywood will affect the whole country. Agreed that Divorce ratio is rising in India now a days but the reason behind it is something different which required to analyse through a LEAN thought process. By the way Bollywood is in India just like a speck in the Universe. So I requesting you to please do not write the name of country unless and until you have some database in your pocket. Very sorry but I have a lot of respect for this news paper and that's why can't expect this type of mindless articles........ Vivek