HomeNewsRajasthanShekhawati Shekhawati

ओले, अंधड़ ने मचाया उत्पात

चूरू. rainजिलेभर में सोमवार रात बिगड़े मौसम की स्थिति मंगलवार को सुबह भी वैसी ही रही। जिले के अधिकतर तहसील मुख्यालयों पर आंधी व बारिश का जोर रहा। सोमवार रात आए अंधड़ ने प्रभाव दिखाया।

आंधी के साथ हुई बारिश से गर्मी का प्रभाव कुछ कम हुआ। हालांकि अंधड़ से किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पेड़, खंभे व होर्डिग गिरने के अलावा बारिश से कई स्थानों पर पानी फिर गया। मंगलवार सुबह बारिश के साथ करीब पांच मिनट चने के आकार के ओले गिरे। बारिश के बाद बादलों की आवाजाही के चलते दिन में धूप भी नाममात्र की ही निकली।

धूप नहीं निकलने से गर्मी का प्रभाव बेशक कम रहा, लेकिन दिन भर उमस ने लोगों को राहत नहीं लेने दी। दूसरी ओर बीती रात व मंगलवार को सुबह आई बारिश से लोगों के रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हुए। बारिश के चलते शहर के कई स्थानों पर पानी भर गया। पानी भरने से लोगों को परेशानी हुई। कुछ घरों में पानी घुसने के कारण घर के लोग पानी निकालने में जुटे रहे। मौसम विभाग की ओर से मंगलवार को अधिकतम तापमान 38.0 व न्यूनतम 18.2 डिग्री सेल्सियस रहा। तथा बारिश सुबह आठे बजे तक 32.2 मिमी दर्ज की गई।

सुजानगढ़. मंगलवार को दिन में आसमान में गर्द छाई रही जिसके कारण आंधी का जोर बरकरार रहा। सोमवार की रात आई आंधी की तेज हवा के कारण घरों के दरवाजे एवं खिड़कियां बजने लगे। सुबह घरों एवं दुकानों में चारों ओर धूल बिखरी हुई दिखाई दी।

फसल में न नफा, न नुकसान
सोमवार की रात व मंगलवार सुबह अंधड़, बारिश व ओलों के कारण फसलों के दृष्टिगत किसी प्रकार के नुकसान व नफे की संभावना नहीं है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में 15 मई से मूंगफली की बुआई होती है, ऐसे में यह बारिश उस फसल के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। सिंचित क्षेत्र में बारिश होना अच्छा रहेगा। पीछे हुई बारिश के दौरान बाजरे की बुआई में इस बारिश का प्रभाव ठीक रहेगा। इसके बाद 15 दिनों में एक बारिश और हो जाएगी, तो बाजरे की फसल को मजबूती मिलेगी। दूसरी ओर आंधी व ओलों से बाजरे की बोई गई फसलों को नुकसान हो सकता है। फिलहाल अभी खेती में बुआई का कार्य कम हो रहा है, ऐसे में इस मौसम विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।

पेड़ गिरे, छप्पर उड़े
झुंझुनूं जिले भर में सोमवार की देर रात सूंटे के साथ बरसात हुई। कई जगह ओले भी गिरे, टिनशैड, पेड़ व बिजली के खंभे उखड़ गए। बिसाऊ में वार्ड बाबूलाल बालासरिया के घर आकाशीय बिजली गिरने से घर का एक कोना टूट गया। बिजली की लाइन व उपकरण जल गए। कमरे की छत में दरारें आ गई। बाबूलाल के पड़ोसी के घर भी बिजली लाइन व उपकरण जल गए।

दुकानों पर लगे साइन बोर्ड टूटकर गिर गए। पाटोदा के पास खातियों की ढाणी में जांटी के छोटे-छोटे पेड़ उखड़ गए। तूफान से बिजली लाइन के पोल गिर गए। टांई व हनुमानपुरा में भी बिजली के खंभे गिरने की खबर हैं। कई जगह ओले भी गिरे।

मंडावा क्षेत्र में कहीं अच्छी तो कहीं हल्की बरसात हुई। बरसात से पहले तेज आंधी से कई जगह बिजली के खंभे टूट गए। बिसाऊ रोड स्थित भड़िया का बास में बिजली के खंभे व डीपी जमीन पर गिर गए। कई जगह पेड़ों की टहनिया टूट गई। कस्बे में कई दुकानों के होर्डिग्स उखड़ गए। मुकुंदगढ़ कस्बे में बीती रात साढ़े तीन बजे तेज अंधड़ के बाद अच्छी बरसात हुई। मंगलवार सुबह भी घटाएं बरसीं। अंधड़ से ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ उखड़ गए।

गुढ़ागौड़जी क्षेत्र में अंधड़ के साथ ओले गिरे। कई गांवों में अच्छी बारिश हुई। अंधड़ से कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। मंड्रेला कस्बे में बीती रात व मंगलवार तड़के तेज सूंटे के साथ जोरदार बारिश के साथ ओले भी गिरे। मंगलवार तड़के तेज हवा के साथ एक घंटे जमकर बारिश हुई। तेज अंधड़ व बारिश से काफी पक्षी मारे गए। कई स्थानों पर पानी भरने से राहगीरों व दुकानदारों को परेशानी हुई।

मलसीसर वाले मार्ग पर बिजली के तीन खंभे टूट गए, जिससे डाबड़ी धीरसिंह व ककड़ेऊं कलां में बिजली सप्लाई ठप रही। बाघोली में तेज बरसात के साथ ओले गिरे। सूंटे से कई पेड़ व बिजली के खंभे धराशायी हो गए। अलसीसर में सोमवार रात शुरू हुई बरसात के साथ ओले गिरे। बरसात का दौर सुबह तक चलता रहा। खिरोड़ में सोमवार रात तेज अंधड़ के साथ बरसात हुई और सूंटे से जगह-जगह पेड़ टूट गए। पिलानी में सोमवार रात सूंटे के साथ बारिश हुई। सिंघाना में अंधड़, ओले और तेज बारिश के दौरान सैंकड़ों बड़े पेड़ धराशायी हो गए। ओलों की चपेट में आने से काफी संख्या में पक्षी भी मारे गए। रात भर हुई तेज बारिस से खेत पानी से लबालब हो गए।

सुलताना में सोमवार देर रात सूंटे और ओलों की बौछार में काफी पक्षी चपेट में आ गए। क्षेत्र में बड़ी संख्या में चिड़िया, मोर व कबूतर जैसे पक्षी ओलों की चोट से मारे गए। गोठड़ी क्षेत्र में मंगलवार तड़के भी बरसात हुई। सोमवार रात भर रुक-रुक कर सूंटे से कई जगह बिजली लाइनों के तार टूट गए। लाइट गुल हो गई और गांवों में पेयजल किल्लत खड़ी हो गई।

खेतड़ी इलाके में सोमवार की रात सूंटे, ओलों और बारिश के बीच बीती। सूंटा इतना तेज था कि कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए तथा सैकड़ों पक्षी मारे गए। कई गांवों में सोमवार की रात तीन बार बरसात हुई। एक बजे नींबू के आकार के ओले गिरे। खेतड़ी नगर में सोमवार रात हुई बरसात से नदियों में पानी बहने लगा। बसई नदी में भी करीब तीन घंटे तक दो-ढाई फुट पानी चला। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से कई स्थानों पर पेड़ टूट गए तथा अनेक पक्षी मौत का शिकार हो गए। नवलगढ़ क्षेत्र में सोमवार रात सूंटे के साथ बरसात हुई। सूंटे में गांवों व ढाणियों में कच्चे छप्पर उड़ गए।

खेतड़ी पर मेहरबान रहा मेह
जिले में सर्वाधिक 45 मिमी बरसात खेतड़ी इलाके में हुई है। मंगलवार सुबह आठ बजे समाप्त हुए 24 घंटों में उदयपुरवाटी में 40 मिमी, चिड़ावा में 31 मिमी, झुंझुनूं में 22 मिमी, मलसीसर में 21 मिमी, नवलगढ़ में 14 तथा बुहाना में सबसे कम 06 मिमी बरसात रिकार्ड की गई है।

खरीफ की बुआई के लिए यह बरसात समयानुकूल नहीं होने के बावजूद खेतड़ी, उदयपुरवाटी और चिड़ावा के कुछ इलाकों में बाजरे की बिजाई की जा सकती है। कृषि विभाग का मानना है कि जहां 30 से 40 मिमी बरसात हुई है, वहां काश्तकार राज-171 कंपोजिट किस्म के बाजरे के बीज की बुवाई कर सकता है। मुख्यालय के निकटवर्ती आबूसर, दुराना, नयासर के अलावा जिले के अन्य कई स्थानों पर किसानों ने अगेते बाजरे की बिजाई की तैयारी कर ली है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: