अमृतसर. जिला परिषद चुनाव में हुई हिंसा से सकते में आई कांग्रेस की नजर अब राष्ट्रपति भवन पर जा टिकी है। प्रदेश कांग्रेस प्रधान राजिंदर कौर भट्ठल के नेतृत्व में 15 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल 16 मई को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मिलकर राज्य के बिगड़ते हालात के कारण गवर्नर शासन की मांग करेगा। इसके अलावा गृह मंत्री शिवराज पाटिल से मुलाकात कर एसजीपीसी के खाते आडिट कराने की गुहार लगाई जाएगी।
भट्ठल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि अकाली दल-भाजपा की आपसी लड़ाई में प्रदेश की जनता पिस रही है। जिस तरह ब्लाक समिति व जिला परिषद के चुनाव में हिंसा का तांडव हुआ, उससे स्पष्ट होता है कि सरकार कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण खो चुकी है। भाजपा के देहात की ओर बढ़ते कदम उन्हें रास नहीं आ रहे। वर्तमान हालात में राज्य में राष्ट्रपति शासन जरूरी हो गया है।
निगम में विपक्षी नेता के मुद्दे पर अभी तक खफा 14 कांग्रेसी पार्षदों ने पार्षद रंजन अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस प्रधान राजिंदर कौर भट्ठल के आगे ‘सरैंडर’ कर दिया। इस मौके पर इकबाल सिंह शैरी, कुलभूषण दुग्गल, अनिल मिन्ना, अशोक चौधरी, रमन बख्शी, जोगिंदर पाल गिंदा, अश्वनी कुमार कालेशाह मौजूद थे।
गोलक के पैसे लगाए प्रचार में
भट्ठल ने आरोप लगाया कि एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ ने अकाली दल के प्रचार के लिए 40-50 लाख रुपए गुरु घर की गोलक से दिए हैं। यही नहीं, उन्होंने अपने कर्मियों को कांग्रेस से धक्का करने पर वेतन में बढ़ोतरी का भी लालच दिया है। चूंकि एसजीपीसी के खातों का आडिट केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आता है, इसलिए पाटिल से इनकी जांच के लिए केंद्रीय टीम भेजने को कहा जाएगा।
हलका दक्षिण उप-चुनाव में कांग्रेस की स्थिति पर उन्होंने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की रैलियां सरकार करा रही है, दूसरी ओर उनके मुकाबले में एक महिला मैदान में उतरी हुई है। एकतरफा लड़ाई की बात करने वाले अकाली नेता भी कांग्रेस के वजूद को मानने लगे हैं। उन्होंने अकालियों को चेतावनी दी कि वे कांग्रेसी वर्करों से पंगा लेने की कोशिश न करें।
भट्ठल के खिलाफ मानहानि का दावा करेगी एसजीपीसी
एसजीपीसी ने प्रदेश कांग्रेस प्रधान राजिंदर कौर भट्ठल के खिलाफ अदालत का द्वार खटखटाने का ऐलान किया है। भट्ठल के खिलाफ अदालत में मानहानि का दावा ठोका जाएगा। प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ ने भास्कर से बातचीत में कहा कि भट्ठल ने एसजीपीसी पर गुरु की गोलक से 40 लाख रुपए शिअद बादल के चुनाव प्रचार में लगाने के झूठे आरोप लगाए हैं।
इनसे सिख संगत में एसजीपीसी की छवि धूमिल हुई है। उन्होंने कहा कि भट्ठल का जमीर मर चुका है, उन्हें तो वाहेगुरु का भी डर नहीं रहा। एसजीपीसी और सिखों के खिलाफ गलत बयानबाजी करने वाली कांग्रेस को दक्षिण हलके के मतदाता मुंह तक नहीं लगाएंगे। कांग्रेस के पास कोई भी चुनावी मुद्दा न होने के कारण भट्ठल मानसिक संतुलन खो चुकी हैं।