बठिंडा.
बुर्ज गिल में सोमवार को वोटिंग के दौरान अकालियों की ओर से भाजपा कार्यकर्ताओं से कथित मारपीट के बाद मंगलवार को भाजपा वर्कर्स ने प्रदर्शन कर बादल परिवार की ऑरबिट बसों पर गुस्सा उतारा। मारपीट के विरोध में भाजपा नेताओं व वर्कर्स ने सुबह 10 बजे सिरकी बाजार हैड ऑफिस में मीटिंग का समय तय किया था।
वहां से भाजपाई करीब 11 बजे बस स्टैंड के बाहर पहुंचे। सैकड़ों भाजपा नेताओं व वर्कर्स ने स्टैंड से बाहर आई बादल की 2 ऑरबिट बसों के शीशे तोड़ डाले। दूसरी ओर इस घटना के बाद शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। एसएसपी नौनिहाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की। भाजपाइयों ने सड़क के साथ लगे प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल के होर्डिग्स को भी तोड़ डाला।
भाजपा को कमजोर न समझें
इस मौके पर भाजपा नेता मोहित गुप्ता ने कहा कि अकाली-भाजपा को कमजोर समझ रहे हैं। जबकि गठबंधन के चलते भाजपा ने अभी तक चुप्पी साधी हुई है। वहीं शहरी प्रधान नरिंद्र मित्तल के अनुसार भाजपा कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की कोई कोशिश नहीं की।
थानेदार, अकालियों ने बुजुर्ग को पीट-पीट कर मार डाला
मोगा.
थाना धर्मकोट के एसएचओ यादविंदर सिंह ने अकाली कार्यकर्ताओं के सहयोग से एक बुजुर्ग को पीट-पीट कर मार डाला और मौके से भाग गए। देर शाम तक शव मथुरादास सिविल अस्पताल में पड़ा था। घटना के बाद पुलिस कर्मचारी पोस्टमार्टम कराने भी नहीं पहुंचे थे।
कांग्रेस के बाघापुराना के विधायक दर्शन सिंह बराड़, मोगा के विधायक जोगिंदर पाल जैन, निहालसिंह वाला के विधायक अजीत सिंह शांत, पंजगराईं के विधायक जोगिंदर सिंह सूचना पाते ही अस्पताल पहुंचे और आरोप लगाया कि अकाली दल ने गुंडागर्दी की सभी सीमाएं पार कर दी हैं। शाम पांच बजे के बाद वे थाना धर्मकोट के बाहर शव को लेकर धरने पर बैठ गए थे।
यह है मामला : जिला परिषद चुनाव के दौरान गावं बैनीवाल में जब अकाली दल के कुछ लोगों ने बूथ कैप्चर कर लिया तो कांग्रेस के कार्यकर्ता रविंदर सिंह ने अकालियों का विरोध किया। इस बात को लेकर दोनों में नोक-झोंक हो गई।
उस समय तो मामला कुछ लोगों ने शांत करा दिया। बाद में मंगलवार सुबह ब्लाक समिति पद का अकाली प्रत्याशी रविंदर सिंह के घर अपने एक दर्जन समर्थकों के साथ पहुंचा और रविंदर को धमकी दी। धमकी के बाद रविंदर तो जगरांव रिश्तेदारी में चला गया। दोपहर लगभग दो बजे थाना धर्मकोट के एसएचओ यादविंदर सिंह पुलिस बल और अक ाली कार्यकर्ताओं के साथ रविंदर के घर पहुंचे।
रविंदर घर में नहीं था। इस बात की जानकारी पुलिस को रविंदर के पिता नायब सिंह ने दी तो पुलिस ने नायब सिंह को ही पीटना शुरु कर दिया। नायब सिंह को बाहर निकाल कर भी पीटा गया। सिर में किसी भारी वस्तु के प्रहार से नायब सिंह की मौत हो गई तो पुलिस, अकाली नेता मौके से भाग गए।