जालंधर. कांग्रेस में बागी सुरों के लिए जाने जाते जगमीत सिंह बराड़ ने भाजपा मंत्रियों के इस्तीफे को ऐतिहासिक फैसला करार दिया है। बराड़ को भाजपा के राज्य सरकार से समर्थन वापिस लेने का इंतजार है और उनका मानना है कि अगर ऐसा होता है तो भाजपा पंजाब की जनता के साथ सदा के लिए जुड़ जाएगी।
जगमीत बराड़ ने कहा पंजाब की जनता इस समय पीड़ा में है और उसे जख्म दिए गए हैं। भाजपा जनता की तकलीफों को समझते हुए उस पर मल्हम लगा सकती है। इसके दूरगामी नतीजे निकलेंगे।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी प्रधान मोहिंदर सिंह केपी ने कहा कि फौरन विधानसभा का सत्र बुलाना चाहिए और वहां अकाली दल को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। केपी ने कहा कि अकाली-भाजपा गठबंधन तो कभी भी नहीं था, यह तो मात्र सत्ता की भूख थी, लेकिन दोनों ही पार्टियों से सत्ता सुख भी भोगा न जा सका।
पूर्व विधायक कंवलजीत सिंह लाली ने कहा कि अकाली-भाजपा तो धर्म के नाम पर राजनीति कर रही थीं, जिसका लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। पंजाब की जनता इसे सहन ही नहीं कर सकती। लाली ने कहा कि अकाली दल में अगर थोड़ी सी नैतिकता बाकी है तो सरकार को इस्तीफा देकर अपने हाथ खड़े कर देने चाहिए।
दूसरी तरफ पंजाब प्रदेश कांग्रेस के सचिव गौतमबीर सिंह बिलगा ने पंजाब के हित में भाजपा के कदम की सराहना करते उसे सरकार से समर्थन वापस लेने की अपील की। बिलगा ने कहा कि अकाली अपने मंत्रिमंडल को संभाल नहीं सके हैं तो प्रदेश को कैसे संभाल सकते हैं। उन्हें खुद ही सत्ता का त्याग कर देना चाहिए। उनके साथ प्रभजीत सिंह गोल्डी, किरण सरीन, रविंदर मित्तल सहित अन्य कांग्रेसी नेता एवं कार्यकत्र्ता उपस्थित थे।