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बॉडी पर भारी डेस्क जॉब

लंदन लगातार कई घंटे तक कुर्सी पर बैठकर काम करने से मोटापा, पीठ व कमर दर्द, मानसिक तनाव और अन्य बीमारियों के साथ धमनियों में खून का थक्का जमने की भी शिकायत हो सकती है। न्यूजीलैंड के शोधकर्ताओं के एक अध्ययन में लंबे डेस्क जॉब को जिंदगी पर बड़ा खतरा बताया गया है।

रॉयल सोसाइटी ऑफ मेडिसिन के जर्नल में प्रकाशित इस शोध में पुराने अध्ययनों की पुष्टि करते हुए कहा गया है कि लंबे समय तक या अपनी सीट से उठे बगैर लगातार काम करने से डीप वीन थ्रंबोसिस (डीवीटी) या पल्मोनरी एंबोलिज्म (पीई) का खतरा हो सकता है। न्यूजीलैंड के वेलिंगटन अस्पताल में कार्यरत शोधकर्ता प्रोफेसर रिचर्ड बीसले के मुताबिक, यह समस्या लंबी हवाई यात्रा के दौरान होने वाले ट्रैवलर थ्रंबोसिस (लंबे समय तक बैठे रहने के कारण खून का थक्का जम जाना) के समान है।

क्या है डीवीटी और पीई : डीवीटी में अक्सर पैर की नसों में रक्त का थक्का जम जाता है, क्योंकि रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है। पीई में धमनियों में थक्का जमने के कारण फेफड़ों तक शुद्ध ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है। पीई के प्रारंभिक लक्षण नजर नहीं आते। मर्ज के गंभीर होने पर ही इसके बारे में पता चल पाता है।

शरीर पर प्रभाव

डीवीटी : लकवा, पूरे पैर में सूजन, पैर सुन्न होना।

पीई : सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, कफ आना, कफ के साथ खून आना और अचानक मौत।

कैसे बचें

>> पैरों और पंजों को समय-समय पर हिलाते रहें। >> नियमित अंतराल पर ब्रेक लें। >> कुर्सी पर क्रॉस लेग यानी पैर के ऊपर पैर चढ़ाकर मत बैठें। >> आरामदायक और पीठ को पूरा सपोर्ट देने वाली कुर्सी पर बैठें।

रिपोर्ट का अध्ययन करना चाहते हैं वैज्ञानिक

प्रो. मिंगर कहते हैं,‘अगर उंगली का कटा हिस्सा फिर से जोड़ भी दिया जाए तो तंत्रिका कोशिकाएं फिर नहीं बन पातीं और व्यक्ति को उंगली के हिस्से पर दर्द या दबाव का अहसास नहीं होता।’ वैज्ञानिकों का कहना है कि वे डॉ. बेडीलेक की इस शोध रिपोर्ट का अध्ययन करना चाहेंगे। मतलब साफ है कि भले ही वैज्ञानिक उंगली उगने की इस घटना को चमत्कारी नहीं मान रहे हों, लेकिन इससे उन्हें शोध की दिशा तय करने में कुछ मदद तो जरूर मिलेगी।





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