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निशांत यूएस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। कुछ समय पहले वह छुट्टियां बिताने घर आया तो घर वालों ने सोचा कि क्यूं न लगे हाथ लड़की देखने का काम भी कर लिया जाए। बातचीत होने के बाद वे एक दिन लड़की देखने गए। पहले दोनों परिवारों ने एक-दूसरे से कई जरूरी बातें बांटी। साथ ही कुछ अन्य जरूरी पहलुओं पर चर्चा करने के बाद लड़के-लड़की को कुछ देर अकेले छोड़ने का फैसला लिया गया, ताकि वे भी एक-दूसरे को जान व समझ लें। सबके जाते ही निशांत का इंटरव्यू शुरू हुआ तो वह घबरा ही गया क्योंकि वह इस स्थिति के लिए तैयार नहीं था और लड़की के सवालों की लिस्ट खत्म ही नहीं हो रही थी।
क्या हो सकती है प्रश्नावली
अक्सर लड़कियों का सबसे पहला प्रश्न होता है कि क्या आप शादी के लिए और मेरी जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार हैं? इसके अलावा भी कई तरह के प्रश्नों से लड़कों को घेरा जा सकता है जैसे, पूर्व में आपकी कितनी गर्लफ्रेंड्स रही हैं, फिलहाल कितनी महिला मित्र हैं, आपकी मुझसे क्या अपेक्षाएं हैं, आपका फाइनेंशियल स्टेटस कैसा है, क्या आप मुझसे जॉब करवाएंगे, घर और बाहर की कितनी जिम्मेदारियां आप पर हैं, भविष्य में मैं जॉब करना चाहूं या न करना चाहूं तो? आदि।
अब लड़के रहें तैयार
इस बदलते नजरिए और माहौल से हालांकि लड़कों को भी कोई ज्यादा परेशानी नहीं है। कई लड़कों का मानना है कि यदि शादी से पहले ही एक-दूसरे की इच्छाओं और जरूरतों के बारे में हमें पता होगा तो भविष्य ज्यादा बेहतर हो सकता है। इससे न सिर्फ हम एक-दूसरे को अच्छे से समझ पाएंगे, बल्कि उनके सपनों को भी पूरा कर पाएंगे।
इसमें नहीं है कोई बुराई
यदि लड़की किसी लड़के, जो कि उसका भावी पति हो सकता है, से अपने भविष्य और आने वाले जीवन के विषय में प्रश्न करती है तो इसमें कोई बुराई नहीं। आजकल की लड़कियां भी आत्मनिर्भर हैं। अपने जीवन-साथी से उनकी भी कुछ अपेक्षाएं हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए इस तरह के प्रश्न करने में कोई बुराई नहीं है।
पेरेंट्स भी हैं तैयार
लड़की के माता-पिता ही नहीं, बल्कि लड़के वाले भी इस बात से सहमति रखते हैं कि उनकी होने वाली बहू बेटे से ऐसे सवाल कर सकती है। उनके अनुसार लड़कियां न सिर्फ अपनी निजी, बल्कि सामाजिक सुरक्षा के लिए ऐसा करती हैं और इसमें उन्हें कुछ गलत नहीं लगता। पूछने का लहजा अच्छा होना चाहिए। ऐसा करते वक्त लगना चाहिए कि आप लड़के के बारे में कुछ जानना चाहती हैं, न कि उसको कसौटी पर परख रही हैं। प्यार और आग्रह से पूछी गई बात बुरी नहीं लगती।
जुड़े हैं कई पहलू
वक्त के साथ रिश्तों को मजबूती देने के लिए हुए इस बदलाव से कई सामाजिक व निजी पहलू जुड़े हुए हैं। पिछले साल अंशु की बड़ी बहन अनु की शादी दुबई में हुई। लड़का और उसका घर परिवार तो अच्छा था, लेकिन अनु को वहां के माहौल में रमने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जैसे उसे अच्छी अंग्रेजी बोलनी नहीं आती थी। वह जॉब करना नहीं चाहती थी। कहीं जाने के लिए कार तो थी, लेकिन अनु को ड्राइविंग नहीं आती थी। ऐसा किसी भी मिडिल क्लास परिवार की लड़की के साथ हो सकता है। आजकल सात समंदर पार हो रही शादियों में माता-पिता ही नहीं, बल्कि लड़कियां भी भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही फैसला ले रही हैं।