टोरंटो. महिलाओं में स्तन कैंसर का पता लगाने में अल्ट्रासाउंड और मैमोग्राफी (स्तन कैंसर जांच करने की एक पद्धति) महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
यह बात एक नए अध्ययन में सामने आई है।कनाडा और अमेरिका के शोधकर्ताओं ने एक नए अध्ययन में पाया है कि स्तन कैंसर की जांच में अल्ट्रासाउंड और मैमोग्राफी एक दूसरे की पूरक की भूमिका निभाते हैं। यदि किसी एक त•नी• •े द्वारा जांच •राने पर स्तन •ैंसर •ा पता नहीं चलता है तो दूसरी त•नी• •े माध्यम से •ैंसर •ा पता लगाया जा स•ता है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि अल्ट्रासाउंड और मैमोग्राफी तकनीकी की मदद से स्तन कैंसर का समय रहते पता लगाया जा सकता है, जिसमें ये तकनीकीं महती भूमिकाएं निभाएंगी।
शोधकर्ताओं ने ऐसी 2,600 महिलाओं का अलग-अलग मैमोग्राफी और अल्ट्रासाउंड जांच कराया जिनमें स्तन कैंसर की संभावनाएं ज्यादा थी। उन्होंने पाया कि मैमोग्राफी की जांच में 78 फीसदी और अल्ट्रासाउंड की जांच में 80 फीसदी महिलाओं में स्तन कैंसरकी पुष्टि हुई। शोधकर्ताओं ने बताया कि जब उन्होंने दोनों तकनीकों से महिलाओं की जांच करवाई तो उन्होंने पाया कि 91 फीसदी महिलाओं को स्तन कैंसर था।
गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के आकड़ों के अनुसार हर साल स्तन कैंसर से पांच लाख दो हजार महिलाओं की मौत होती है।
इस अध्ययन के निष्कर्ष ‘अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन’ नामक पत्रिका के ताजा अंक में प्रकाशित हुए हैं।