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संतों की प्रतिक्रिया

जोधपुर. सद्भाव एवं शांतिपूर्ण माहौल की मिसाल बन चुके राजस्थान में मंगलवार को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। एक के बाद एक हुए बम धमाकों ने कई लोगों को लील लिया।

जयपुर में हुए इस सीरियल बम ब्लास्ट की गूंज ने राजधानी तक ही नहीं पूरे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। प्रदेश के लोगों ने इस संकट की घड़ी में जिस तरह धैर्य, सूझबूझ एवं एकजुटता का परिचय दिया।

वह आतंकियों को करारा जवाब है। प्रेम व भाईचारे की गौरवशाली परंपरा को कायम रखने एवं राजस्थान को सुरक्षित बनाने की दिशा में लोगों को क्या करना चाहिए? इसी संबंध में भास्कर ने समाज के धर्मगुरुओं से बात की।

राजस्थान जैसे शांतिप्रिय प्रदेश में बम ब्लास्ट करके यहां के सौहार्दपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने की नाकाम कोशिश की गई है। प्रदेशवासियों ने आपसी प्रेमभाव का परिचय देते हुए आतंकियों की इस साजिश का डटकर सामना किया है।
—स्वामी अचलानंद गिरि, सैनाचार्य पीठाधीश्वर अखिल भारतीय सैन भक्ति पीठ युगल जोड़ी बाबा रामदेव मंदिर

इन धमाकों में बेगुनाह लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के जख्मी होने से मानवता आहत हुई है। दहशतगर्दों के घिनौने मंसूबों को हम प्रदेशवासी कभी पूरा नहीं होने देंगे। आज हमें एकता के सूत्र में बंधे रहते हुए देश में अमन व शांति का संदेश देने की जरूरत है।
—काजी मोहम्मद अयूब, शहर खतीब एवं पेश इमाम

यह मानवता के विरुद्ध किया गया जघन्य अपराध है। आतंकवादियों का कोई धर्म, मजहब नहीं होता और ऐसे कृत्य करने वाले लोगों को ईश्वर नापसंद करता है। हमें विघटन करने वाली इन ताकतों का एक होकर मुकाबला करने जरूरत है।
—जितेंद्र नाथ, रेवरेंट समरवेल मेमोरियल चर्च





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