bhaskar Web English
HomeNewsMetrosJaipur Jaipur

कर्फ्यु और बंद से ठप रहा कारोबार

जयपुर. शहर में मंगलवार की शाम को हुए बम धमाकों के बाद बुधवार की सुबह शहर के भीतरी और बाहरी भागों में सन्नाटा छाया रहा। बाजारों एवं मंडियों में करीब सभी कारोबारी गतिविधियां ठप्प रहीं। सब्जी मंडियों में भी और दिन की तरह सब्जियों की आवक नहीं हो सकी। चारदीवारी क्षेत्र में कर्फ्यु होने एवं बाहरी क्षेत्र में कारोबारियों में भय के कारण बाजार नहीं खुले।

शहर के जिन क्षेत्रों में सदैव चहल-पहल रहती थी वहां आज वीरानी थी। कारोबारियों में इस घटना को लेकर एक ओर जहां भय था वहीं दूसरी ओर उनका कहना था कि सरकार के सुरक्षा के प्रति उदासीनता के कारण ही आज यह दिन देखने को मिला है। चारदीवारी क्षेत्र में लोग कफ्यरू के कारण अपने घरों में ही बंद रहे। चारदीवारी के साथ ही शहर के बाहरी इलाके मानसरोवर, टोंक रोड, सोढाला, टोंक फाटक, गोपालपुरा बाइपास इत्यादि जगहों पर सन्नाटा छाया रहा। सभी जगहों पर इक्का-दुक्का दुकानों को छोड़कर करीब सभी दुकानें ही बंद रहीं।

अन्य जिला मुख्यालयों एवं कस्बों में भी रहा बंद का असर : जयपुर जिले के चौमूं, बगरु, शाहपुरा, कोटपुतली, मनोहरपुर, इत्यादि जगहों पर भी बाजार बंद रहे। इसके अलावा बंद का असर अन्य जिला मुख्यालयों एवं कस्बों पर भी रहा।

टोंक- टोंक मुख्यालय सहित टोडारायसिंह, निवाई, पीपलू, उनियारा, मालपुरा इत्यादि प्रमुख कस्बों में बाजार बंद रहे। यहां पर लोगों ने मौन रख कर बम विस्फोटों में मरे लोगों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यालय एवं कस्बे में लोगों ने घटना के विरोध में प्रदर्शन किए।

करौली- करौली मुख्यालय में बाजार बंद रहे। परंतु हिंडौन सहित अन्य प्रमुख कस्बों में बाजार खुले।

सवाईमाधोपुर- सवाईमाधोपुर में बाजार खुले रहे किन्तु अन्य प्रमुख बाहरी कस्बों गंगापुर, भगवतगढ़, बौंली में बाजार बंद रहे। गंगापुर सिटी में घटना के विरोध में मौन जुलूस निकाला।

दौसा- जिले में अनेक स्थानों पर बाजार बंद रहे। दौसा, बांदीकुई, बसवा, सिंकदरा, महवा आदि जगहों पर बाजार बंद रहे। कई जगहों पर मौन जुलूस निकाले गए।

सुरक्षा व्यवस्था में कोताही बरतने का इंतजार : सीरियल ब्लास्ट की घटना के बाद राजस्थान सकल उद्योग व्यापार संघर्ष समिति ने वैट विरोधी आंदोलन को स्थगित कर दिया है। राजस्थान सकल उद्योग व्यापार संघर्ष समिति के संयोजक बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था में कोताही के चलते यह शांतिप्रिय जगह अब सिमी और अन्य उग्रवादियों की शरण स्थली बनता जा रहा है।

सरकार को शहर के लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए। यदि सरकार ने कारगर कदम नहीं उठाए तो यहां के व्यापार और उद्योग धंधे चौपट हो जाएंगे। सह संयोजक प्रेम बियानी ने बताया कि इस घटना के बाद एक दिन में 1250 करोड़ रुपए का व्यापार प्रभावित होने की संभावना है। सीमेंट व्यवसायी विनोद धूत का कहना है कि आसपास से रोजगार के लिए जयपुर आने वाले लोग भी यहां पर काम पर आने से हिचकेंगे। ये लोग इस घटना के बाद से डरे हुए हैं।

कर्फ्यु में पुलिस की मशक्कत : शहर के कफ्यरूग्रस्त इलाकों में पुलिस आने वाले लोगों को बुधवार को समझाकर वापस भेजती रही। कई लोगों की समस्याएं सुनकर उनको आगे जाने दिया गया। जिला प्रशासन ने मंगलवार रात को ही बुधवार सुबह 9 से शाम 6 बजे तक कफ्यरू लगाने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद बुधवार सुबह माइक से कफ्यरू लगने का एलान सुबह 7 से 8 बजे तक किया जाता रहा।

नौ बजे कफ्यरू लगने के बाद भी लोग आते-जाते रहे। आधा घंटा गुजर जाने के बाद पुलिस ने रोड पर आने वाले लोगों को टोककर वापस भेजना शुरू कर किया। आवश्यक सेवाओं के लिए जाने वाले लोगों को जाने दिया गया। इसी तरह बीमार व ब्लास्ट में घायल लोगों से मिलने अस्पताल जाने वाले लोगों को नहीं रोका गया।

बेरिकेड्स व डोरियों से रास्ते रोके : पुलिस ने बुधवार सुबह बेरिकेड्स व डोरियां बांध कर कफ्यरूग्रस्त इलाकों में रास्तों को रोका हुआ था। झोटवाड़ा रोड पर पावर हाउस रोड, पीतल फैक्ट्री, विद्याधर अमानीशाह का नाला, सिंधी कैम्प के सामने वनस्थली मार्ग, यादगार के सामने, न्यूगेट, लिंक रोड, सांगानेरी गेट, जोरावर सिंह गेट व सूचना केंद्र सामने एसएमएस अस्पताल मुर्दाघर के रास्ते को रोका गया था।

रामनिवास बाग के गेट बंद रहे : रामनिवास बाग के रोजाना प्रात: 6 बजे खोले जाने वाले पांच गेटों को कफ्यरू लगते ही बंद कर दिया गया। शाम को कफ्यरू हटने के बाद ही इन्हें पुन: खोला गया।

रेलवे स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा : चारदीवारी में हुए बम धमाकों के बाद जयपुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त कर दिए गए हैं। बुधवार को यहां आमदिनों की अपेक्षा भीड़-भाड़ काफी कम रही। दूसरी ओर कुछ ट्रेनें भी 15 से 30 मिनट तक लेट रहीं। सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर सभी प्लेटफार्मो पर रेलवे सुरक्षा बल के जवान तैनात थे। उन्हें हिदायत दी गई थी कि वे वेटिंग हॉल या अन्य स्थानों पर सामान छोड़कर जाने वालों पर कड़ी निगरानी रखें। जगह-जगह क्रॉस चैकिंग की जा रही थी। टिकट खिड़कियां सूनी पड़ी थीं। ट्रेनों में भी आम दिनों की अपेक्षा आवाजाही कम थी।

जयपुर-चैन्नई, हरिद्वार मेल और दिल्ली मेल सहित कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 15 से 30 मिनट देरी से रवाना हरुई। कुछ लोगों ने घटना के बाद अपने टिकट रद्द करा लिए। जयपुर मंडल सुरक्षा आयुक्त ए.के. दास ने बताया रेलवे स्टेशन पर प्रवेश करने वाले सभी यात्रियों की मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही थी। साथ ही डॉग स्क्वायड से स्टेशन के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई।

मंसूबे कामयाब नहीं होने देंगे: लोग भगवान की पूजा के लिए सुबह व शाम मंदिरों में जाते हैं। शाम की आरती के वक्त हुए बम विस्फोट से लोग जहां मंदिर जाने से कतराने लगे हैं, वहीं गोपालजी के रास्ता के रामकिशन गुप्ता ने कहा कि हम आतंकियों का मकसद पूरा नहीं होने देंगे। हम डरने वालों में से नहीं हैं। मंदिर में शाम को दर्शन करना बंद नहीं करेंगे।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: