जयपुर.
खुफिया एजेसियां राजधानी में मंगलवार को हुए सीरियल बम विस्फोटों की साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है। अभी तक जो नाम सामने आ रहे हैं उनमें हूजी व लश्करे तैयबा से जुड़ा कुख्यात आतंकवादी अब्दुल करीम टुंडा प्रमुख है। टुंडा 1996 से 1998 के बीच दिल्ली, मुंबई में हुए बम विस्फोटों में शामिल रहा है। उस पर 3 लाख रुपए का इनाम है। वह बम बनाने और विस्फोट करने में माहिर है।
खुफिया एजेंसियों के पास पुख्ता सूचना है कि टुंडा 1998 के मुंबई बम विस्फोट के बाद जयपुर की बांग्लादेशी कच्ची बस्ती (हथरोईगढ़ी) में आकर दो साल तक रहने के बाद बांग्लादेश फरार हो गया। उसे गिरफ्तार करने के लिए रेड कार्नर वारंट जारी किए हुए हैं। हरकत-उल-जेहादी-अल इस्लामी (हूजी) व लश्करे तैयबा से जुड़े इस आतंकवादी ने जयपुर की सारी जानकारी हासिल कर ली थी।
खुफिया एजेंसियों ने बुधवार को बगराना स्थित बांग्लादेशी कच्ची बस्ती जाकर टुंडा के संपर्क सूत्र तलाशने की कोशिश की। इससे वहां रह रहे बांग्लादेशी शरणार्थियों में खलबली मच गई। सुबह हुई आकस्मिक छानबीन से उनमें भय का वातावरण बना हुआ है। कुछ शरणार्थी वहां से अपना सामान टैम्पो में समेटकर शहर की ओर कूच करते हुए दिखाई दिए। कुछ वहीं रहकर आगे की योजना बनाने में लगे हुए थे। जैसे ही वहां कोई मीडियाकर्मी पहुंचता, तो वे लोग सकपका जाते और चर्चाओं का दौर शुरू हो जाता। हालांकि उन्होंने कुछ भी बताने से मना कर दिया।
एक बाशिंदे ने बताया कि सादा वर्दी में कुछ पुलिस वाले आए थे, जो यहां रह रहे लोगों के बारे में जानकारी ले रहे थे। कुछ ने दबे स्वर में बताया कि पुलिस वाले बस्ती को खाली करने के लिए कह रहे थे। उन्होंने बताया कि वह उनकी फोटोग्राफी करके भी ले गए थे, जिसके बाद से कुछ बांग्लादेशी भयभीत हैं।
इंडियन डिफेंस रिव्यू नामक मैग्जीन के जनवरी 08 अंक में साफ तौर पर बताया गया है कि इन दोनों संगठनों के अल कायदा से संबंध हैं। इनका हीरो ओसामा बिन लादेन है। हूजी के देश भर में करीब 10 हजार सदस्य है। इस रिपोर्ट में बताया है कि इस संगठन ने पिछले कुछ समय से अपनी गतिविधियां राजस्थान, आंधप्रदेश, गुजरात व महाराष्ट्र में फैलानी शुरू कर दी है। ये संगठन भारत की अर्थव्यवस्था को छिन्न-भिन्न करना चाहता है।