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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. व्यवहार न्यायाधीश(सिविल जज) के रिक्त पदों के लिए बुधवार को शहर में गल्र्स कालेज, सीएमडी कालेज, गवर्नमेंट स्कूल सहित 20 बड़े स्कूल, कालेजों में प्रारंभिक परीक्षा होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पहली बार सिविल जज की परीक्षा हाईकोर्ट द्वारा आयोजित की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि न्यायालयीन क्षेत्र की सेवा हेतु योग्य अभ्यर्थियों का चयन हाईकोर्ट द्वारा कराया जाना चाहिए। पूर्व में सिविल जज की परीक्षा राज्यों की पीएससी द्वारा आयोजित कराई जाती थी।
गौरतलब है कि प्रदेश में सिविल जज के 60 पद रिक्त हैं। इसके लिए देश भर के 15101 वकीलों ने आवेदन किया है। इनकी प्रारंभिक परीक्षा बिलासपुर के 20 परीक्षा केंद्रों सहित प्रदेश के 5 जिलों के 39 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जा रही है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल एचएस मरकाम ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि सिविल जज के लिए प्रारंभिक परीक्षा निर्धारित परीक्षा केंद्रों में बुधवार को सुबह 11 बजे से 1 बजे होगी।
दो घंटे के पर्चे में आब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पूछे जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा के नतीजे 15 जून तक घोषित किए जाएंगे। प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में शामिल किया जाएगा। एक तरह से यह इंट्री लेवल(प्रवेश स्तर) की परीक्षा है, जिसमें अभ्यर्थियों के सफल हुए बिना मुख्य परीक्षा में प्रविष्टि नहीं होगी। रजिस्ट्रार जनरल के मुताबिक प्रदेश में सिविल जज की परीक्षा बिलासपुर सहित अंबिकापुर, दुर्ग, जगदलपुर एवं रायपुर के निर्धारित परीक्षा केंद्रों में होगी। बिलासपुर के 20 परीक्षा केंद्रों में 7963, अंबिकापुर के 3 केंद्रों में 864, दुर्ग के 3 परीक्षा केंद्रों में 1431, जगदलपुर के एक केंद्र में 220 तथा रायपुर के 12 केंद्रों में 4623 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
सिविल जज के लिए अर्हता
सिविल जज के रिक्त पद के लिए आयुसीमा 35 वर्ष तथा वकालत का 3 वर्ष का अनुभव जरूरी है। यानी कोई भी ला ग्रेजुएट, जिसकी वकालत हेतु पंजीयन को 3 वर्ष हो चुके हों, वह इस पद के लिए प्रवेश परीक्षा में शामिल हो सकता है।