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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. सार्वजनिक वितरण प्रणाली के केरोसिन की कालाबाजारी पर काफी हद तक अंकुश लगने के बाद इसका उठाव कम हो गया है। गर्मी के दिनों में अधिक मांग न होने के कारण केरोसिन का कोटा कम होने की आशंका उत्पन्न हो गई है, इसीलिए कलेक्टर ने अब सभी ब्लाकों के एसडीएम को निर्देश दिया है कि वे हर हफ्ते केरोसिन के उठाव व वितरण की समीक्षा करें।
अप्रैल में 1668 केएल यानी 16 लाख 68 हजार लीटर केरोसिन का आबंटन मिला था, जिसमें से 2 लाख 31 हजार लीटर केरोसिन का उठाव नहीं हो सका। यही स्थिति अमूमन हर माह बनती है। केरोसिन डीलरों को महीने की 25 तारीख तक उठाव करने के निर्देश हैं, लेकिन स्थिति यह है कि गर्मी के मौसम में मांग न होने के कारण अधिकांश जगहों पर पहले से ही अतिरिक्त केरोसिन मौजूद है और हफ्ते-दस दिनों तक टैंकर खड़ा कर लिया जाता है।
नतीजतन केरोसिन के उठाव में माह दर माह कमी आती जा रही है। इससे कंपनियां जिले का आबंटन कम कर सकती हैं, जिसे बढ़वाने के लिए बाद में शासन स्तर पर नए सिरे से कवायद करनी पड़ेगी। बचे हुए 231 केएल केरोसिन को मिलाकर मई के लिए 1899 केएल केरोसिन का आबंटन मांगा गया है। ब्लाकों की कार्ड संख्या के हिसाब से प्रति कार्ड औसत 3.34 लीटर मिट्टी तेल दिया जाता है।
इधर ग्राम उजियारा योजना के तहत नागरिक आपूर्ति निगम को प्रतिमाह 24 केएल मिट्टी तेल दिया जाता है, लेकिन अब तक किसी भी महीने में 7-8 केएल से अधिक का उठाव नहीं हुआ है। आबंटन लेप्स होने की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने उठाव व वितरण के लिए नई व्यवस्था की है। कलेक्टर सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश जारी किया है कि लीड समितियों से चावल, गेहूं की तरह अग्रिम राशि लेकर मिट्टी तेल का भंडारण किया जाए। इसके अलावा अनुविभागीय अधिकारियों से कहा गया है कि वे हर सप्ताह बैठक लेकर ब्लाक स्तर पर मिट्टी तेल वितरण व्यवस्था की समीक्षा करें।