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एंगल मजदूर के पेट के आर-पार

शिवपुरी. जिले में बुधवार की दोपहर चली तेज आंधी से न केवल जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया, बल्कि करैरा कस्बे में दामाद का मकान बना रहे एक वृद्ध मजदूर के पेट को चीरते हुए ढाई इंच मोटा लोहे का एंगल आर-पार हो गया। पुलिस अधिकारियों ने तत्काल डाक्टर को मौके पर बुलाया और आधे एंगल को कटवाकर बुरी तरह तड़प रहे वृद्ध को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा, जहां से उसे ड्रिप लगाने के बाद ग्वालियर रैफर कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार बुधवार को जिला मुख्यालय समेत जिले के विभिन्न हिस्सों में तेज धूल भरी आंधी चली। इस आंधी के कारण शिवपुरी में कई स्थानोंे पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया और कुछ जगह पेड गिर गए। इधर जिले के करैरा कस्बे में इस आंधी ने एक व्यक्ति पर कहर बरपाया। आंधी के कारण एक स्थान से पूरी टीनशेड और लंबा एंगल उड़ा, जो कि करीब 50 मीटर दूर अपने दामाद रमेश जाटव का मकान बना रहे तेजराम (55) पुत्र पहलू जाटव निवासी टोंका के पेट को चीरकर पीठ से बाहर निकला।

लोहे के ढाई इंच मोटे इस एंगल के आर-पार होकर शरीर में फंसे रह जाने से तेजराम की चीखें निकल गईं।जब यह सूचना करैरा के प्रभारी एसडीओपी राजेश शर्मा, टीआई सुनील खेमरिया तक पहुंची तो वे घटनास्थल पर पहुंचे और करैरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सकों को मौके पर बुलाया।

चिकित्सकों की सलाह पर एंगल को शरीर से नहीं निकाला गया, क्योंकि ऐसा किया जाता तो खून का फब्बारा निकलता और तेजराम की मौत हो जाती। इसलिए एंगल के एक सिरा, जो कि काफी लंबा था, उसे कटर से काटा गया फिर एंबूलेंस में रखवाकर तेजराम को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। तेजराम जिला चिकित्सालय आया तो यहां चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए।

सिविल सर्जन डा. एस के कुमरा, डा. एस के जैन आदि ने तेजराम को ड्रिप, एंटीवायोटिक व दर्दनाक इंजेक्शन तो लगाए। पर लोहे के एंगल को उसके शरीर से निकालने की हिम्मत नहीं जुटाई और कुछ ही देर में उसे ग्वालियर रैफर कर दिया।

जिसने देखा, उसकी आंखें फटी रह गईं

करैरा से बुरी तरह से घायल तेजराम जाटव को जब एंबूलेंस में रखकर जिला चिकित्सालय लाया गया तो यहां मरीजों एवं उनके अटेंडरों में उसे देखने की होड़ मच गई। पर जिसने तेजराम को देखा, उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं। तेजराम का प्रारंभिक इलाज करने वाले चिकित्सक डा. एस के जैन का कहना था कि एंगल को तो बाहर निकाला जा सकता है, पर यह अंदाजा नहीं है कि इस एंगल ने तेजराम के सीने में किस-किस हिस्से को डैमेज किया है, यह तो एंगल के बाहर निकलने के बाद ही पता चलेगा।





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