बूंदी/ इंद्रगढ/ करवर/ सुमेरगंजमंडी. इंद्रगढ़ में पुलिस हिरासत में मंगलवार शाम हुई युवक की मौत के बाद बिगड़े हालातों पर पुलिस प्रशासन ने नियंत्रण तो कर लिया, लेकिन बुधवार शाम तक वहां तनाव बरकरार रहा।
पुलिस ने मृतक शब्बीर के भाई अब्दुल हकीम की रिपोर्ट पर पुलिस ने पांच कांस्टेबलों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने के साथ-साथ थाने में पथराव और बाहर खड़े वाहनों में आग लगाने, अशांति फैलाने के मामले दर्ज किया है। कांस्टेबलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद एसपी ओमप्रकाश ने चार कांस्टेबलों को निलंबित और तीन को लाइन हाजिर कर दिया है।
शब्बीर के शव का पोस्टमार्टम करने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर इंद्रगढ गए बूंदी के चिकित्सकों ने बातचीत में मृतक के शरीर पर किसी प्रकार की चोट नहीं होने की बात कही। कलेक्टर एसएस बिस्सा, एसपी बीती रात से ही इंद्रगढ़ में पड़ाव डाले हुए हैं। हालात सामान्य बनाने के लिए मंगलवार रात एवं आज सुबह सशस्त्र पुलिस, आरएसी, एसटीएफ के जवानों ने फ्लैग मार्च किया।
बातचीत का चला लंबा दौर: इंद्रगढ पहुंचे कलेक्टर, एसपी ने मृतक शब्बीर के परिजनों को थाने में बुलाकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए राजी करने का प्रयास किया। 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मृतक के परिजनों को उपलब्ध करवाई, तब जाकर वे पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
जनाजा लेकर तहसील पहुंचे : शब्बीर के घर से जनाजा रवाना तो हो गया, लेकिन परिजन एवं समाजबंधु उसे पहले तहसील ले गए। वहां कलेक्टर से बातचीत की।
पांच लाख की आर्थिक सहायता, एक आश्रित को सरकारी नौकरी, दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ 302 का मुकदमा, थाने के स्टाफ को निलंबित करने एवं आगजनी, तोड़फोड़ की घटना में किसी भी तरह गिरफ्तारी न करने की मांग रखी। कलेक्टर ने आश्वासन देते हुए कहा कि सभी बातों पर गौर किया जाएगा। इसके बाद ही वहां से जनाजे को आगे बढ़ाया और इंद्रगढ़ थाने के बाहर रोकने के बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक करने ले गए।