जयपुर. निर्यातकों की चौतरफा मांग निकलने से दो सप्ताह के अंतराल में ही बासमती चावल में करीब 20 रुपए प्रति किलो की रिकार्ड तेजी दर्ज की गई है।
जानकारों का कहना है कि कुल उत्पादन का करीब 72 फीसदी बारीक चावल 31 मार्च तक निर्यात हो गया है। परिणामस्वरूप करनाल, कुरुक्षेत्र, तरावड़ी, सफीदों, असंद, तरनतारन एवं खन्ना आदि की राइस मिलों में धान व चावल की भारी कमी बनी हुई है। असली बासमती चावल तो मिलों में नाममात्र का रह गया है।
सूरजपोल मंडी में चावल के प्रमुख कारोबारी मनोज सिंघल बताते हैं कि बासमती 1121, डुप्लीकेट बासमती (डीबी) और पीआर 11 किस्म के चावलों में भी निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक लिवाली चलने से चावल की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं।
हरियाणा की मिलों में एक मई को बासमती 1121 के भाव 5100 रुपए प्रति क्विंटल थे, जबकि आज 7100 रुपए क्विंटल में व्यापार हो गया। डुप्लीकेट बासमती 7500 रुपए क्विंटल बिकने की खबर है। इसी प्रकार परमल पीआर 11 हरियाणा की मिलों में बढ़कर 2250 रुपए क्विंटल पहुंच गया है। सिंघल के अनुसार चावल में अंतरराष्ट्रीय मांग अधिक है। निर्यातक हर भाव में चावल की खरीद कर रहे हैं।