सीकर. खंडेला के शमीम की हकीकत पुलिस के पास नहीं है। यहां तक कि इंटरोगेशन करने वाली एजेंसियों ने पुलिस को जानकारी नहीं दी। बुधवार को सीकर आए आईजी बीआर ग्वाला ने साफ किया उनके पास शमीम की सत्यता की कोई जानकारी नहीं है और न ही खुफिया एजेंसियों ने उन्हें इस बाबत कोई जानकारी दी है। गौरतलब है कि अक्टूबर 2007 में अजमेर दरगाह विस्फोट के बाद खंडेला की नगीना मस्जिद में रहने वाले शमीम को गिरफ्तार किया गया था।
आईजी ने कहा है कि पिछले कुछ सालों की गतिविधियों से जाहिर है कि शेखावाटी भी संवेदनशील है। इसकी बड़ी वजह यहां के लोगों के अन्य राज्यों व देशों में मूवमेंट, जिससे उनका बाहर के लोग गलत फायदा भी उठा सकते हैं। इसमें हवाला, एनडीपीएस के बढ़ते मामले और यहां के अपराधियों की अन्य इलाको में पैठ भी वजह है। इसलिए सीकर, झुंझुनूं में संदिग्ध लोगों की छानबीन होगी और मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
आईजी ने माना है कि शेखावाटी आतंकी संगठनों से अनटच नहीं रह सकता है। फिलहाल विशेष नजर खाटूश्यामजी मंदिर है। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था में संबंधित कमेटी की भी जिम्मेदारी तय की जा रही है। इसके अलावा धार्मिक स्थलों या अन्य जगह रहने वाले संदिग्धों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। उन्होंने बताया कि खाटू मंदिर में जांच के बाद ही प्रवेश की प्रक्रिया लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
समझे जिम्मेदारी : आईजी
- आम आदमी को सुरक्षात्मक उपायों के बीच जीना सीखना जरूरी है।
- अपने इलाके में बाहर के संदिग्ध की जानकारी पुलिस को दें।
- मकान, दुकान किराए पर देने या नौकर रखने पर पूरी जानकारी जुटाएं।
- धार्मिक स्थलों की कमेटियां सुरक्षा में सहयोग करें।