अमृतसर. सकत्तरी बाग, नाम सुनते ही बड़े-बड़े पेड़, विभिन्न किस्मों के फूल, पक्षियों की चहचहाहट और इन सब के बीच दूर एक कोने में बैठे बुजुर्ग इस प्राकृतिक नजारे का आनंद उठाते आदि सुंदर चित्र आंखों के आगे घूमने लगते हैं।
किसी जमाने में शहरवासियों का आकर्षण का केंद्र रहा यह बाग वर्तमान समय में नगर निगम और बागवानी विभाग की लापरवाही की मार झेल रहा है। तकरीबन 10 महीनों से बंद पड़े इस बाग में न तो सफाई की व्यवस्था है और न ही पेड़-पौधों का रख-रखाव किया जाता है। रही-सही कसर नगर निगम विभाग ने बाग के किनारे पर अस्थाई नाला खुदवाकर पूरी कर दी है।
बुधवार को दैनिक भास्कर की टीम ने सकत्तरी बाग का दौरा किया तो देखा कि पास बहते गंदे नाले का जहरीला पानी बाग के पेड़-पौधों को खराब कर रहा है। सारा दिन उठने वाली बदबू ने बाग के हरियालीनुमा पर्यावरण को दूषित कर रखा है। अगले कुछ महीनों तक स्थिति यही रही तो बाग के अधिकांश पेड़ भी जहरीले हो जाएंगे। इसके अलावा बाग आसपास के लोगों के लिए कूड़ा डंप करने की जगह बन गया है।
बाग में नाले का पानी
16 एकड़ में बने बाग के एक तरफ मुख्य सड़क है और दूसरी तरफ गंदा नाला बहता है। निगम की तरफ से पिछले तीन महीनों से नाले में 102 ईंच मोटे डबल बैरियर सिवरेज पाइपें डालने का काम चल रहा है। इस कारण गंदे पानी की निकासी का अस्थाई प्रबंध बाग में ही किया गया है।
बाग में बनाए गए अस्थाई नाले को दोनों तरफ से मिट्टी और बोरियों की सपोर्ट दी गई है। ओवर फ्लो होने के कारण पानी किनारों से बाहर निकलने लगता है। इससे जहरीला पानी पेड़-पौधों की जड़ों में पहुंचने लगा है। बाग ने छप्पड़ का रूप धारण कर लिया है। यह स्थिति पिछले एक महीने से बनी हुई है।