जालंधर. प्रदेश की अकाली-भाजपा सरकार में ‘विधायक को इलैक्शन एजैंट’ बनाने की नई शुरूआत हुई है। हैरानी की बात है कि जिले के इलैक्शन आब्जर्वर भगवंत सिंह को भी अभी तक स्पष्ट नहीं है कि विधायक इलैक्शन एजैंट बन सकता है या नहीं। आदमपुर के अकाली विधायक सर्बजीत सिंह मक्कड़ मतगणना के दौरान हंसराज स्टेडियम में बनाए गए मतगणना केंद्र में ‘बतौर इलैक्शन एजैंट’ जमे रहे।
इस दौरान मक्कड़ ने मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक कंवलजीत लाली को बुरा-भला कहा। लाली ने मक्कड़ के मतगणना केंद्र में उपस्थित होने और उन्हें गलत बोलने के आरोप लगाए। मक्कड़ को वहां से निकालने की हिम्मत एआरओ ए.के. सिक्का भी नहीं जुटा पाए। पूर्व कैनिबेट मंत्री गुरकंवल कौर ने भी छावनी के विधायक जगबीर सिंह बराड़ के विमन पॉलीटैक्निक में बने मतगणना केंद्र में उपस्थित होने के आरोप लगाए।
>> चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक तो विधायक इलैक्शन एजैंट नहीं बन सकता। फिर भी इस बारे चुनाव आयोग को सूचना दी जाएगी लेकिन फिलहाल इस बारे कोई शिकायत नहीं आई है।
भगवंत सिंह, आईएएस, इलैक्शन आब्जर्वर
>> मेरे पर लगाए गए आरोप गलत हैं। मतगणना केंद्र में बतौर इलैक्शन एजैंट बनकर गया था। इसके लिए मेरे पास इलैक्शन एजैंट का पहचान पत्र भी था।
सर्बजीत सिंह मक्कड़, विधायक हलका आदमपुर
>> हार से बौखलाई कांग्रेस ने मेरे पर झूठे आरोप लगाए हैं। मैंने मतगणना केंद्र में प्रवेश नहीं किया। बल्कि मैं तो केंद्र के बाहर ही खड़ा हुआ था।
जगबीर सिंह बराड़, विधायक हलका कैंट