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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़पंचायत चुनाव के बाद पंजाब में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल की संभावना है। जिला परिषद चुनाव में अपने कार्यकर्ताओं की पिटाई का ‘मोल’ अब भाजपा वसूलना चाहती है।
मुख्यमंत्री आवास पर मंगलवार को हुई बैठक में भाजपा नेताओं ने साफ शब्दों में बादल से कहा कि कोई डीसी और एसएसपी उनकी नहीं सुनता। जिन जिलों में भाजपा के विधायक हैं, वहां के अफसर भी उनकी नहीं सुनते और ऐसा तब हो रहा है जब मुख्यमंत्री ने खुद अफसरों से कह रखा है कि भाजपा वर्करों की बात पूरे ध्यान से सुनी जाए। एक भाजपा विधायक ने बादल से पूछा..क्या अफसर कहीं ओर से ‘आदेश’ लेते हैं? इस विधायक का इशारा सुखबीर बादल की ओर था। विधायकों के अलावा अफसर भाजपा कोटे के मंत्रियों की भी सुनवाई नहीं करते। जिला परिषद चुनाव से एक दिन पहले उद्योग और स्थानीय निकाय मंत्री मनोरंजन कालिया डीजीपी एनपीएस औलख को लगातार फोन करते रहे लेकिन उनका मोबाइल बंद था। इस बारे में डीजीपी का कहना है कि यदि मोबाइल बंद था तो लैंडलाइन पर कर लेते?
परिवहन मंत्री मास्टर मोहन लाल भी अपने प्रमुख सचिव को बदलने के लिए कई बार गुहार लगा चुके हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि ट्रांसपोर्ट की सारी नीतियां सुखबीर बादल तय करते हैं। मोहन लाल को तो इनका पता लागू होने के बाद चलता है। लगभग यही हाल मनोरंजन कालिया के स्थानीय निकाय विभाग का है। विभाग के प्रमुख सचिव कालिया की सुनते ही नहीं।
भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री के सामने दो टूक कह दिया कि जिन जिलों में भाजपा के विधायक अधिक हैं, वहां डीसी, एसएसपी और अन्य अधिकारी उनकी पसंद वाले होंगे। सचिव स्तर के अधिकारी भी उनके होंगे। सीएम बादल ने भाजपा नेताओं की शिकायतों को सुनने के बाद उनसे सहमति जताई और कहा, वे पंचायत चुनाव तक रुक जाएं।