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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. पंजाब सरकार के अफसर गुस्से में आ गए हैं। सरकार उनको सौदेबाजी में मोहरा बना रही है। चुनावी हिंसा के बाद भाजपा के दबाव में कल मुख्यमंत्री द्वारा दो अफसरों को सस्पेंड करने से अफसरों में काफी गुस्सा है। अब 26 मई को होने वाले ग्राम पंचायतों के चुनाव में फील्ड के अफसर सकते में आ गए है, कहीं वे सख्ती दिखाएं और बाद में राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें बलि का बकरा बना दिया जाए।
बुधवार को मुख्य सचिवालय व डीजीपी कार्यालय के अफसरों में यह चर्चा होती रही कि हर चुनाव में राजनीतिक दल के नेता धक्काशाही करते हैं, अगर उन पर काबू न पाया जाए तो कोई बड़ी घटना हो सकती है पर दबाव में आकर उन्हें ही शिकार बना दिया जाता है।अफसरों पर बिना वजह कार्रवाई करने से फील्ड में काम करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
पंचायत चुनाव को लेकर सकते में अफसर
12 मई को पंचायत समितियों व जिला परिषदों के चुनाव में राजनेताओं के बजाय अफसरों पर गाज गिरने को लेकर 26 मई को ग्राम पंचायतों के होने वाले चुनाव को लेकर अफसर सकते में आ गए हैं। अब आगे होने वाले चुनाव में अफसर भी अपने स्तर पर एहतियात बरतने को प्राथमिकता देने लगते है। उनका कहना है कि अगर सख्त ड्यूटी करने के बावजूद उनके खिलाफ जांच के आदेश जारी होंगे तो 26 मई को होने वाले चुनाव में क्या गारंटी है कि किसी भी फील्ड अफसर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नही की जाएगी।