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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़नगर निगम चार माह तक शहर में पानी के15 हजार और मीटर लगाएगा। इसके बाद शहर की पानी सप्लाई पूरी तरह मीटर से होगी और इन्हें ऑटोमेटिड सिस्टम से जोड़ा जाएगा। निगम ने शहर में डॉमेस्टिक एवं कमर्शियल वाटर सप्लाई के 1.36 लाख कनेक्शन लगाए हैं। इनमें से 15 हजार हाउस बगैर मीटर के चल रहे हैं। इनमें मलोया कॉलोनी, डड्डूमाजरा कॉलोनी, चमन, अमन और आंबेडकर कॉलोनी धनास, मिल्क कॉलोनी धनास, बापू धाम कॉलोनी और इंदिरा कॉलोनी के काफी घर हैं, इसके अलावा से-22,23 और 24 के सरकारी मकानों में मीटर बंद पड़ें हैं या फिर दो घरों की एक मीटर से सप्लाई है। जिसकी वजह से वहां फ्लैट रेट से पानी के चार्जेज वसूले जा रहे हैं। ऐसे में वहां के लोग 16 घंटे सप्लाई में 12 घंटे पानी बेकार में बहाते रहें तो भी उन्हें 100 रुपए से ज्यादा का महीने में बिल नहीं आता है। इसे रोकने के लिए निगम वहां भी मीटर लगा रहा हैं।
होगा एसडीओ जिम्मेदार :
वाटर मीटर लगे होने के बावजूद एवरेज बिल भेजे जा रहे हैं। जिसको लेकर कंज्यूमर्स निगम के ऑफिस के चक्कर पर चक्कर काटते रहते हैं। वहीं निगम अधिकारियों को अंदेशा है कि एवरेज बिल भेजे जाने से हेरा-फेरी हो रही है। रोक लगाने के लिए संबंधित सब डिवीजन के जेई व एसडीओ की जिम्मेदारी होगी। अगर किसी कंज्यूमर का एक बिल के बाद एवरेज बिल आता है तो जवाबदेह एसडीओ होगा कि किस आधार पर एवरेज बिल भेजा गया है।
नए वाटर कनेक्शन की अप्रूवल देने के सिस्टम को सिंप्लीफाई करने से हेरा-फेरी की गुंजाइश नहीं रहेगी। बिजली मीटर की तर्ज पर सभी फ्लौर वालों को पानी के मीटर लगेंगे। जीपीए होल्डर्स और बिल्डिंग के टेनेंट को भी पानी कनेक्शन मिल सकेगा। इन्हें कमर्शियल के बजाए डॉमेस्टिक चार्जेज देने होंगे। पानी मीटर से पीछे लीकेज होने की सूरत में पानी की वेस्टेज का भार कंज्यूमर्स पर नहीं डाला जाएगा।
चार माह तक सभी कॉलोनियों और सरकारी क् वार्टर में मीटर लगाए जाएंगे। इसके बाद किसी से फ्लैट रेट्स पर बिल नहीं भेजा जाएगा।
आर.सी. दीवान, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर पब्लिक हैल्थ नगर निगम