वाशिंगटन. अमेरिका द्वारा भारत को एचआईवी/एड्स की रोकथाम के लिए दी जाने वाली सहायता राशि में कमी करने पर डेमोक्रेटिक पार्टी के एक सांसद ने नाराजगी जाहिर की है।
अमेरिका ने एचआईवी/एड्स की रोकथाम के लिए दक्षिण एशिया के 2009 के लिए तय 2 अरब डालर की सहायता राशि में से पाकिस्तान और अफगानिस्तान को सहायता बढ़ाने के लिए भारत की सहायता कम कर दी है।
डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद गैरी एल. एकरमैन ने बुधवार को कहा, ‘‘भले ही भारत दोनों देशों की तुलना में आर्थिक रूप से सक्षम और स्थिर दिखाई देता है। लेकिन उसकी करीब एक अरब से अधिक की आबादी का तीन-चौथाई हिस्सा एक डालर प्रतिदिन से कम की आमदनी पर गुजारा करती है। वहां भी एचआईवी/एड्स तथा पीने योग्य पानी की कमी जैसी समस्यायें हैं। ’’
सदन मे सुनवाई के दौरान डेमोक्रेट्रिक सांसद ने कहा कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि के बावजेद वह प्रशासन द्वारा एचआईवी/एड्स के लिए भारत की सहायता राशि में कटौती पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हैं।
अमेरिकी एड्स सहायता कार्यक्रम का उद्देश्य पूरी दुनिया में गरीब आबादी को एचआईवी/एड्स के खतरे से बचाव के उपायों के बारे जागरूकता पैदा करना है।