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International International दूजियांगान. आठ माह की गर्भवती एक चीनी महिला को 50 घंटे तक मलबे में दबे रहने के बावजूद जिंदा निकाल लिया गया। शिचुआन प्रांत के इस इलाके में बचावकर्मियों ने इस महिला को सुरक्षित निकाल लिया, जहाँ सोमवार को आए शक्तिशाली भूकंप में करीब 15 हजार लोग मारे गए हैं।
सुरक्षा अधिकारी मलबे में दबी झाँग शाओयान से बात तो कर पा रहे थे लेकिन मलबा हटाने में वे बेहद सतर्कता से काम ले रहे थे। उन्हें आशंका थी कि उसके ऊपर पड़ा मलबा कहीं दरककर उसके बाकी शरीर पर न जा गिरे।
समीपवर्ती छेंगदू के प्रमुख अग्निशमन अधिकारी सुन गुओली ने बताया यह बेहद भावुकता भरा था। यह एक चमत्कार है जो हम सभी ने मिलकर किया है। यह जिंदगी का करिश्मा है जिसमें किसी की जिंदगी को बचाने के लिए जिंदगी का इस्तेमाल किया गया।
सुन 50 घंटे तक लगातार घटनास्थल पर बने रहे। झाँग तथा एक अन्य महिला कंक्रीट की स्लैबों के तले 18 फुट नीचे दब गई थीं। दूसरी महिला के बारे में तत्काल पता नहीं चल सका है।
इन दोनों महिलाओं को घायलावस्था और सदमे की हालत में बाहर निकाला गया। राहत अभियान के दौरान राहतकर्मी इन्हें लगातार पानी मुहैया कराते रहे।
सुन ने बताया हमें इंजीनियरों ने बताया कि इमारत बहुत खतरनाक है और काफी नाजुक हालत में है इसलिए राहत अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इससे यह पता चलता है कि हम जिंदगी बचाने को कितनी अहमियत देते हैं।