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सीसी कैमरों से होगी निगरानी

भोपाल. जयपुर में हुए बम धमाकों के बाद राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन भी गंभीर है। अब स्थानीय महत्वपूर्ण इमारतों और क्षेत्रों पर कैमरे से नजर रखने तथा शहर में धारा 144 लगाने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए शीघ्र ही शासन को प्रस्ताव दिए जाएंगे।

बुधवार को देर रात तक पुलिस कंट्रोल रूम में चली पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक में शहर की महत्वपूर्ण इमारतों, धार्मिक स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, स्टेट हेंगर पर क्लोज सर्किट कैमरे लगाने पर विचार किया गया। बैठक में कलेक्टर मनीष रस्तोगी और पुलिस अधीक्षक जयदीप प्रसाद के अलावा एडीएम रजनीश श्रीवास्तव, एसडीएम, तहसीलदार, सीएसपी और सभी थाना प्रभारी मौजूद थे। जयपुर की घटना को देखते हुए पुख्ता सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा के लिए बैठक का आयोजन किया गया था।

इसमें शहर की महत्वपूर्ण इमारतों, धार्मिक स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन स्टेट हेंगर पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए यहां सीसी कैमरे लगाने पर विचार किया गया। प्रशासन शीघ्र की इस संबंध में एक प्रस्ताव राज्य शासन को भेजेगा। वहां से अनुमति मिलने के तुरंत बाद इन स्थानों पर सीसी कैमरे लगाकर सुरक्षा को पुख्ता किया जाएगा। कैमरे लगाने को लेकर सभी संगठनों से भी चर्चा की जाएगी।

बैठक में शहर में धारा 144 लगाने पर भी विचार हुआ। इस धारा के लागू होने से महानगरों के होटल की तरह राजधानी के होटलों में बिना परिचय पत्र दिखाए किसी भी मुसाफिर को ठहरने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही होटल संचालक को ठहराने वाले मुसाफिर की जानकारी तुरंत इलाके के थाने को देना अनिवार्य होगी। वर्तमान में धारा 144 लागू नहीं होने के कारण लाज और धर्मशालाओं में ठहरने वालों की जानकारी आमतौर पर पुलिस को नहीं मिल पाती है। उक्त धारा लागू होने के बाद किराएदार और नौकर का वेरीफिकेशन भी अनिवार्य हो जाएगा। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नगर और मोहल्ला सुरक्षा समितियों के तरह ही चौक समितियां गठित करने पर भी चर्चा हुई।

चौक समितियां गठित होने पर पुलिस को छोटी-छोटी घटनाओं की भी जानकारी मिलने लगेगी। साथ ही टाकीज संचालकों से भी चर्चा की जाएगी कि वे सुरक्षा को देखते हुए डोर मेटल डिटेक्टर लगाएं। बैठक में इस बात पर भी विचार हुआ कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ अन्य विभागों से कैसे तालमेल बैठाया जा सकता है ताकि किसी अप्रिय घटना पर सब संयुक्त होकर कार्रवाई कर सकें।





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