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बुजुर्ग शेरनी ‘इंद्राणी’ की मौत

भोपाल. b राजधानी के नेशनल पार्क वन विहार में गुरुवार की सुबह शेरनी ‘इंद्राणी’ की मौत हो गई। 17 वर्षीय इंद्राणी पिछले महीने से बीमार चल रही थी। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण उम्रदराज होने की वजह से शरीर के सभी तंत्रों का कमजोर होना सामने आया है। अंगों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इंद्राणी को वर्ष 1992 में इंदौर के चिड़ियाघर से वन विहार लाया गया था।

जानकारी के मुताबिक पिछले माह इंद्राणी के पांवों में लकवा लग गया था। इससे उसे चलने-फिरने में परेशानी हो रही थी। वन्य प्राणी विशेषज्ञों द्वारा इलाज के बाद उसके स्वास्थ्य में सुधार हुआ था। करीब एक हफ्ते पहले वह फिर बीमार हो गई थी। उसने खाना कम कर दिया था। तब से उसका इलाज चल रहा था। आखिरकार गुरुवार की सुबह उसने दम तोड़ दिया।

इंद्राणी के अंगों (लीवर, किडनी, तिल्ली, हृदय) के नमूने जांच के लिए वेटनरी कालेज जबलपुर, जहांगीराबाद स्थित राज्य स्तरीय पशु अनुसंधान रोग प्रयोगशाला और फोरेंसिक लैबोरेटरी सागर भेजे गए हैं। गौरतलब है कि मार्च में युवा सफेद बाघिन ‘रश्मि’ की मौत हो गई थी।

सभी शेर-शेरनी बुजुर्ग हैं

इंद्राणी की मौत के बाद वन विहार में 15 शेर-शेरनी बचे हैं। इनमें रेस्क्यू सेंटर में रखने लाए गए शेर भी शामिल हैं। इनमें एक को छोड़कर सभी शेर औसत उम्र को पार कर चुके हैं। शेर की औसत उम्र 15 साल होती है। ‘सुहाग’ नामक शेर की आयु करीब 12 साल है। वन विहार में ‘इंदर’ नामक शेर है, जो ‘इंद्राणी’ का भाई है। इसे भी ‘इंद्राणी’ के साथ इंदौर चिड़ियाघर से लाया गया था।

बाघ आएगा वन विहार में

कान्हा नेशनल पार्क से वन विहार में एक बाघ को लाया जा रहा है। इसकी उम्र करीब तीन साल है। संभवत: यह शुक्रवार को वन विहार पहुंच जाएगा।





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